छत्तीसगढ़: बहस के दौरान मंत्री और विधायक आमने-सामने, अन्य विधायकों ने कराया शांत

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Edited By Amrit Vichar
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान शुक्रवार को सदन में मंत्री शिवकुमार डहरिया और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के बीच मामूली झड़प हो गई, जिसके बाद विधायकों ने बीच-बचाव कर उन्हें शांत कराया। सदन में हंगामे के बीच अध्यक्ष चरणदास महंत द्वारा कार्यवाही को पांच मिनट के लिए स्थगित करने के बाद चंद्राकर और डहरिया गर्भगृह में आमने-सामने आ गए थे।

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इस दौरान वहां मौजूद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों को शांत किया। सदन में इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को सरकारी नौकरियों तथा शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में आरक्षण से संबंधित दो विधेयक पेश किया।

विधानसभा में विपक्ष के नेता नारायण चंदेल, विधायक बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर सहित अन्य भाजपा विधायकों ने सवाल किया कि क्या विधानसभा आरक्षण से संबंधित एक अधिनियम बना सकती है जब इसी तरह का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट पर पांच दिसंबर को होने वाले उपचुनाव का हवाला देते हुए भाजपा सदस्यों ने अध्यक्ष से पूछा कि क्या इस तरह के विधेयक को पेश करने से पहले चुनाव आयोग से कोई चर्चा की गई थी।

अग्रवाल ने दावा किया कि उपचुनाव में आदिवासी वोटरों को खुश करने के लिए यह कदम उठाया गया है। सदन में बहस के दौरान अचानक मंत्री डहरिया ने कुछ ऐसा कह दिया जो शोर में सुनाई नहीं दिया लेकिन भाजपा विधायक अग्रवाल और शर्मा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी जिससे वहां हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद डहरिया और चंद्राकर आमने—सामने आ गए।

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