उप्र: उपभोक्ता परिषद बिजली कंपनियों के मंसूबों पर पानी फेरने के लिए तैयार
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन की पांचों कंपनियां बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को पेश करने में लगी हुई हैं। इसके लिए कंपनियों की ओर से छह फीसद लाइन हानियों को बढ़ा कर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) दाखिल कर दिया। जिसमे करीब 4500 करोड़ का गैप दिखाया गया है। बिजली दरों में …
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन की पांचों कंपनियां बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को पेश करने में लगी हुई हैं। इसके लिए कंपनियों की ओर से छह फीसद लाइन हानियों को बढ़ा कर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) दाखिल कर दिया। जिसमे करीब 4500 करोड़ का गैप दिखाया गया है। बिजली दरों में बढ़ोतरी हो सके, इसके लिए हरसंभव कोशिश करने में जुटी हुई हैं। वहीं उपभोक्ता परिषद भी कंपनियों के इन मंसूबों को दांव देने में लगा हुआ है।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि वैसे डिस्कामों की ओर से अभी तक कैटेगरी वाइस बिजली दर बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं दाखिल किया गया है। उपभोक्ता परिषद दावा कर रहा है दूसरे रास्ते से पॉवर कार्पोरेशन बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर दिया है। पावर कार्पोरेशन ने नियामक आयोग से अपने गैप की भरपाई कराने की मांग की है। इसका मतलब साफ है कि कंपनियों का गैप पूरा करने के लिए आयोग स्वत: बिजली दर बढ़ाने का निर्णय ले। मतलब यह की कंपनियों की ओर से पेश किए गए एआरआर प्रस्ताव को स्वीकार कर बिजली दर में बढ़ोतरी की कार्यवाही शुरू की जाए।
बता दें कि कंपनियों की ओर से इस बार वितरण हानियां 17.90 प्रतिशत प्रस्तावित है। जबकि इसके पहले वितरण हानियां 11.96 था। कम्पनियों ने छह प्रतिशत लाइन हानिया बढ़ाकर 4500 करोड गैप निकाला है जो यह सिद्ध करता है की कही न कही इसमे बड़ा लोचा है।
परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा बिजली कंपनियों के मनगढंत आकड़ों को खारिज करते हुए विद्युत नियामक आयोग को उपभोक्ताओं का उदय व ट्रूअप में वर्ष 2017-18 तक कुल लगभग 13337 करोड़ सभी डिस्कामों पर निकल रहा है। इसे उपभोक्ताओ को दिया जाना है नियामक आयोग के आदेशानुसार। जो कि अब कैरिंग कॉस्ट 13 प्रतिशत जोड़ कर लगभग रुपया 14782 करोड़ हो गया है।
