बरेली: निर्माण कार्यों के संशोधित बजट की आड़ में करोड़ों का गोलमाल

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बरेली,अमृत विचार। नगर निगम के निर्माण कार्यों में संशोधित बजट के नाम पर करोड़ों का खेल किया जा रहा है। कुछ कार्यों में तो 60 से 100 प्रतिशत से भी अधिक के धन में बढ़ोतरी की गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि पहले निविदा कम रेट पर चहेते ठेकेदारों को दी जा रही …

बरेली,अमृत विचार। नगर निगम के निर्माण कार्यों में संशोधित बजट के नाम पर करोड़ों का खेल किया जा रहा है। कुछ कार्यों में तो 60 से 100 प्रतिशत से भी अधिक के धन में बढ़ोतरी की गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि पहले निविदा कम रेट पर चहेते ठेकेदारों को दी जा रही थी। बाद में चलकर विभागीय मिलीभगत से लाखों रुपये के बजट में बढ़ोतरी की जा रही है। इस मामले शिकायत एक पूर्व पार्षद ने मुख्यमंत्री से की है।

ऐसे कार्यों पर गौर किया जाए तो नगर निगम परिसर में भवन निर्माण कार्य चल रहा है। निविदा करीब 12.84 करोड़ की हुई। इसके बाद एक साल का समय गुजरने के बाद बजट में 58 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। यानि करीब सात करोड़ की धनराशि फिर कार्यदायी संस्था को आवंटित कर दिया गया।

सुरेश शर्मा नगर की एक हाटमिक्स सड़क करीब 42 लाख से बननी है। इसमे 14 प्रतिशत धनराशि बढ़ा दी गई है। शांति विहार कालोनी में सीसी रोड 8.84 लाख से बनने की निविदा निकाली गई और बाद में चलकर 60 प्रतिशत धन अधिक संशोधित बजट के नाम पर दे दिया गया। इतना ही नही सबसे बड़ा खेल तो गोलमोहर पार्क की एक सड़क में किया गया है, जहां पर आठ लाख के बजट को 108 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। फाइक इन्क्लेव कालोनी में हाट मिक्स सड़क सुधार के नाम पर आठ लाख आवंटित किया गया है और 61 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

वार्ड नम्बर 12 की सीसी टाइल्स सड़क, नाली निर्माण करीब 24 लाख से होना था। लेकिन 24 बजट बढ़ा दिया गया है। जगदीशपुर में नाली और सड़क बनाने का कार्य करीब 13 लाख से होना था और संशोधित बजट में 38 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है। ब्रम्हमपुरा नाला करीब 48 लाख से बनाने की निविदा हुई। इसमें 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

सूत्रों के मुताबिक तो शहर के एक वार्ड की सड़क निर्माण करने लिए ढाई करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। जबकि नियम यह है कि एक करोड़ से अधिक की निविदा पर नगर निगम को शासन से अनुमति लेनी पड़ती है। सबसे गंभीर सवाल तो यह है कि निविदा के बाद अधिकांश निर्माण कार्यों के संशोधित बजट के नाम पर जिम्मेदार मोटी रकम क्यों बढ़ा दे रहे हैं। इसके पीछे बड़ा राज छिपा हुआ है। किसी को भनक तक नहीं लग रही है और करोड़ों का बजट खपा दिया जा रहा है। पूर्व पार्षद राजेश तिवारी ने नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से जांच की मांग की है।

“निविदा के बाद कई कारणों से संशोधित बजट का प्राविधान है। मंहगाई के कारण भी बजट को बढ़ाया जाता है। इसी वजह से नगर निगम के कई निर्माण कार्य में बजट को बढ़ाया गया है। किसी को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं।” -संजय सिंह चौहान, मुख्य अभियंता

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