बरेली: शिक्षकों के मूल अभिलेखों की फाइल कुतर गए चूहे
बरेली,अमृत विचार। बेसिक शिक्षा विभाग में हर दिन कोई न कोई घटना सामने आ रही है। इन दिनों विभाग की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। वर्ष 2015 और 2016 में भर्ती हुए शिक्षकों का अभी तक सत्यापन का काम पूरा नहीं हुआ है। मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए शिक्षक जब …
बरेली,अमृत विचार। बेसिक शिक्षा विभाग में हर दिन कोई न कोई घटना सामने आ रही है। इन दिनों विभाग की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। वर्ष 2015 और 2016 में भर्ती हुए शिक्षकों का अभी तक सत्यापन का काम पूरा नहीं हुआ है। मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए शिक्षक जब अपने मूल अभिलेख लेने बीएसए दफ्तर पहुंचे तो उनकी तमाम फाइलें चूहे कुतर चुके थे। इसकी वजह से अधिकांश शिक्षकों के अभिलेख खराब भी हो गए।
अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद पूरे प्रदेश में सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का दोबारा से सत्यापन कराया जा रहा है। विभाग की लापरवाही की वजह से वर्ष 2015 में नियुक्त 72825 शिक्षकों तथा वर्ष 2016 में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त 29334 गणित-विज्ञान शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी अभी तक नहीं हो पाया है। कार्यालय में लापरवाही की हद तो यह है कि जब शिक्षक अपने प्रमाण पत्रों को मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए उन्हें लेने पहुंचे तो पता लगा कि उनके मूल अभिलेखों की फाइलों को चूहे कुतर गए।
टीईटी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि शिक्षकों ने प्रमाणपत्र अपलोड करने के लिए बीएसए ऑफिस में फाइल मांगी तो कई शिक्षकों की फाइल कुतरी हुई निकली। शुक्र था कि मूल दस्तावेजों तक चूहे नहीं पहुंचे। इसकी शिकायत बीएसए से की गई। बीएसए विनय कुमार ने दूसरी फाइल मंगवाकर उनमें मूल अभिलेख रखवाते हुए कनिष्ठ लिपिक हेमंत मौर्य को फाइल संभालकर रखने को निर्देशित किया है।
