औरंगाबाद में भीम सैनिकों ने बीजेपी नेता और राज्य मंत्री के खिलाफ किया प्रदर्शन
औरंगाबाद। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में भीम सैनिकों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं राज्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल के खिलाफ रविवार को प्रदर्शन किया। पाटिल ने कहा था कि महापुरुषों ने भीख मांगकर शिक्षण संस्थान शुरू किए हैं। इसको लेकर भीमसेना के कार्यकर्ता नाराज हैं। भीमसैनिकों ने यहां के क्रांति चौक, भदकल गेट पर प्रदर्शन किया गया और पाटिल का पुतला फूंका गया। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने पाटिल को काले झंडे दिखाए।
ये भी पढ़ें- NGT ने गाजियाबाद में आवासीय परियोजना में हरित मानदंडों के उल्लंघन पर रिपोर्ट के लिये समिति की गठित
भड़कल गेट स्थित स्वाभिमानी मराठवाड़ा फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने गौतम अमराव के नेतृत्व में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा के पास पाटिल का पुतला फूंका गया। वहीं संजय जगताप और पूर्व नगरसेवक गौतम खरात के नेतृत्व में भारतीय दलित पैंथर के कार्यकर्ताओं ने सिटी चौक के पुलिस निरीक्षक अशोक गिरी को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि पाटिल को मंत्री पद से हटाने और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। उधर, वंचित बहुजन अघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने उस्मानपुरा में पाटिल का पुतला फूंका और उनके खिलाफ नारेबाजी की।
आंदोलन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष योगेश बान, सर्वश्री प्रभाकर बकले, सुरेश मगरे और मनोज वाहुल ने किया। इस दौरान पुलिस ने 13 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया। पाटिल राजाबाजार स्थित संस्थान गणपति मंदिर में आरती करने आए थे। आरती के बाद जब वह बाहर निकले, तो समता परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और कुछ कार्यकर्ताओं को पकड़कर सिटी चौक थाने ले गई। हिरासत में लिए गए लोगों को दो घंटे बाद छोड़ दिया गया।
उधर, भीमशक्ति के पदाधिकारियों ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। त्रिमूर्ति चौक पर भी काले झंडे दिखाकर पाटिल का विरोध किया गया। वहीं, बौधनगर, उत्तमनगर, भानुदासनगर की महिलाओं ने पाटिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पाटिल के बयान को लेकर मुप्ता शिक्षक संघ ने क्रांति चौक पर धरना दिया। इस दौरान प्रो सुनील मगरे ने आंदोलन का नेतृत्व किया। डॉ. संभाजी वाघमारे, डॉ. भास्कर टेकले, सर्वश्री हेमंत गायकवाड़, प्रकाश वाघमारे और अमोल मगरे सहित कई लोगों ने धरना में हिस्सा लिया।
ये भी पढ़ें- गुजरात की तरह मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी अहम होगी ‘AAP’ और AIMIM की भूमिका
