मुरादाबाद : चरस कारोबारी को चार साल की सजा, 13 साल पहले 500 ग्राम चरस के साथ हुआ था गिरफ्तार
मुरादाबाद, अमृत विचार। अदालत ने चरस का कारोबार करने वाले दोषी को चार साल की सजा सुनाई है और उस पर ढाई हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। थाना मझौला में 14 सितंबर 2009 में तत्कालीन एसआई रामगोपाल शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया गया था कि दरोगा रामगोपाल अपनी टीम के साथ शाम के वक्त क्षेत्र में चैकिंग करने के लिए आजाद नगर की ओर जा रहे थे।
आजाद नगर तिराहे के पास एक व्यक्ति खड़ा था। युवक अचानक पुलिस की गाड़ी को देखकर घबरा गया। शक होने पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी तलाशी ली। तलाशी लेने पर आरोपी की जेब में से थैलिया मे लिपटा हुआ काले रंग का पदार्थ मिला, जिसमें से चरस की बदबू आ रही थी। जिसका वजन 500 ग्राम था।
पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम हारून पुत्र मुस्लिम निवासी नवाब वाली मिलक थाना मैनाठेर बताया था। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चरस का कारोबार करता है और चरस बेचने के लिए जा रहा था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई विशेष एनडीपीएस कोर्ट संख्या सात मनीष कुमार प्रथम की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक वैभव अग्रवाल ने बताया कि आरोपी हारुन के खिलाफ पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी मानते हुए चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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