मेरठ: खेतों से सीधे निर्यात होंगे किसानों के उत्पाद, BEDF को सौंपी गई जिम्मेदारी

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Edited By Amrit Vichar
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मेरठ, अमृत विचार। बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान मोदीपुरम (बीईडीएफ) को किसानों के उत्पादों को सीधे खेत से निर्यात करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। है। अभी, तक विदेशों में बासमती का निर्यात कर देश विदेश में बीईडीएफ का डंका बज रहा था। इस  नई जिम्मेदारी के बाद देशभर में वर्कशॉप की जा रही है।

मोदीपुरम में है एक मात्र बीईडीएफ सेंटर
देशभर में मेरठ के मोदीपुरम में बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान का सेंटर बना हुआ है। यहां, से बासमती देश-विदेशों में निर्यात किया जाता है। सऊदी अरब में सबसे अधिक यहां के बासमती चावल की डिमांड है। सेंटर पर नए-नए शोध विकसित कर बासमती चावल की नई प्र‌जातियां विकसित की जाती है।

प्रतिवर्ष यहां से दूसरे राज्यों के किसान बासमती के बीज खरीदते है। देश में एफपीओ ( फार्मर प्रोडयूसर आर्गेनाइजेशन) को बढ़ावा देकर देश में किसानों के कृषि उत्पादों को सीधे खेतों से ही निर्यात किया जाए इसको लेकर केंद्र सरकार का भी सबसे ज्यादा जोर है। ताकि, किसानों को सीधे लाभ मिले और किसान एफपीओ के माध्यम से बड़े निर्यातक बने। प्रभारी व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा ने बताया कि बीईडीएफ अभी तक बासमती का 300 से ज्यादा देशों में निर्यात करता है।

क्या है एफपीओ, कैसे मिलेगा लाभ
डॉ. रितेश शर्मा ने बताया कि कोई भी किसान अकेले निर्यात नहीं कर  सकता है। इसलिए, केंद्र सरकार ने एफपीओ (फार्मर प्रोडयूसर आर्गनजेशन) बनाने के निर्देश दिए है। ताकि, सभी को साथ लेकर निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके। अभी तक मेरठ मंडल में करीब 82 एफपीओ हो गए है। धीरे-धीरे प्रदेश और अन्य प्रदेशों में भी बढ़ाए जा रहे है।

बताया कि इसके लिए आईईसी (इंपोटर, एक्सपोर्टर कोड )डीजीएफटी डॉट जीओवी डॉट इन साइट पर जाकर आईईसी ऑनलाइन किया जा सकता है। दूसरे चरण में आईईसी मिलने  के बाद एपीडा( कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) का सदस्य बनना होता है। एपीडा डॉट की ओवी डॉट इन साइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर आरसीएमसी(पंजीकरण सह सदस्यता प्रमाणपत्र) लेना होता है, जिसके बाद निर्यात किया जाता है।

इन जगहों पर हुई वर्कशॉप
डॉ. रितेश शर्मा ने बताया कि बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगना, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, यूपी, हिमाचल आदि में वर्कशॉप हो गई है। अन्य जगह पर भी वर्कशॉप की जा रही है। किसान बीईडीएफ के माध्यम से बासमती के अलावा गुड, शक्कर, आम,  शहद, हरी सब्जी समेत अन्य उत्पादन निर्यात कर सकते है।

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