बरेली: रेलवे लाइनों पर छुट्टा पशुओं की घुसपैठ रोकेगा कैक्टस

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। इज्जतनगर रेल मंडल में छुट्टा पशु ट्रेनों के संचालन में खतरा बन गए हैं। आए दिन किसी न किसी ट्रेन के सामने आकर पशुओं की जान जाती है। जिससे न सिर्फ रेल संचालन बाधित होता है बल्कि टक्कर लगने से रेल यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। ट्रेन से टकराने वाले मवेशियों में सबसे अधिक संख्या गोवंशीय पशुओं की होती है। 

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रेलवे द्वारा अपील की जाती है कि लोग रेलवे ट्रैक किनारे अपने पशुओं को आने से रोकें, बावजूद इसके हादसे होते हैं। अब इनसे निपटने के लिए रेलवे ने इज्जतनगर मंडल के कई सेक्शन में कैक्टस के पेड़ लगाने शुरू किए हैं। जिससे छुट्टा जानवरों को ट्रैक किनारे आने से रोका जा सकेगा।

रेल अधिकारियों के मुताबिक लगभग एक हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबे इज्जतनगर मंडल के फिलहाल दो सेक्शन में कैक्टस के पेड़ लगा दिए गए हैं। भोजीपुरा-लालकुआं के बीच दो किलोमीटर रेलवे ट्रैक के दोनों साइड और हाथरस-मुरसान के बीच तीन किलोमीटर रेलवे ट्रैक के एक साइड कैक्टस के पेड़ लगा दिए गए हैं। आने वाले दिनों में मंडल के सभी सेक्शन में कैक्टस के पेड़ लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। 

मार्च 2023 तक रेलवे को सभी सेक्शन में कैक्टस के पेड़ लगाने हैं। ताकि रेल परिक्षेत्र में छुट्टा पशुओं को आने से रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पहले उन क्षेत्रों में कैक्टस लगाए जा रहे हैं, जहां सबसे अधिक पशुओं के विचरण की संभावना होती है या फिर जहां सबसे अधिक ट्रेन से मवेशियों के टकराने की घटनाएं सामने आती हैं। इज्जतनगर रेल मंडल जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि हाथरस-मुरसान रेल सेक्शन व भोजीपुरा-लालकुआं रेल सेक्शन में कैक्टस के पेड़ लगाए गए हैं। जल्द ही बाकि रेल खंडों में भी कार्य पूरा किया जाएगा।

मुरादाबाद रेल मंडल क्षेत्र में भी घटनाएं
मुरादाबाद रेल मंडल के तहत आने वाले बिलपुर, आंवला, पीतांबरपुर, बरेली कैंट जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक जानवरों के ट्रेन के सामने आने की घटनाएं होती हैं। एक साथ अधिक संख्या में पशु ट्रैक पर आ जाने से लोको पायलट भी कई बार कुछ नहीं कर पाते। एक अनुमान के मुताबिक इन क्षेत्रों में हर साल 200 से ज्यादा घटनाएं ट्रेन से मवेशियों के टकराने की होती हैं। कई बार आरपीएफ द्वारा स्थानीय लोगों से मीटिंग कर पशुओं को रेलवे ट्रैक से दूर रखने की अपील भी की जा चुकी है।

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