विधानसभा चुनाव में पार्टियों के लिए ब्राह्मण उत्पीड़न का चेहरा थी Khushi Dubey, बिकरू कांड के बाद चर्चा में आई

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Edited By Amrit Vichar
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बिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई।

विधानसभा चुनाव में पार्टियों के लिए ब्राह्मण उत्पीड़न का खुशी दुबे चेहरा थी। बिकरू कांड से तीन दिन पहले उनकी अमर दुबे से शादी हुई थी।

कानपुर, [महेश शर्मा]। पनकी निवासी पेंटिंग मजदूर श्यामलाल तिवारी की बेटी खुशी तिवारी है जो अमर दुबे से विवाह के बाद खुशी दुबे हुई। बीते साल विधान सभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों ने भाजपा के खिलाफ उसे यूपी में ब्राह्मण उत्पीड़न का चेहरा के रूप में पेश किया गया था। उसकी जमानत के बाद खुशी के पक्ष में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव यूपी इंचार्ज प्रियंका गांधी ने ट्वीट तक किया।

शुरू बसपा के महासचिव सतीश मिश्रा ने अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान की। इसके बाद कांग्रेस और सपा भी पीछे नहीं रही। कांग्रेस के नेताओं ने प्रियंका गांधी की पहल पर खुशी की मां गायत्री तिवारी से संपर्क करके कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से टिकट ऑफर की। गायत्री के इन्कार पर खुशी की बड़ी बहन नेहा तिवारी को कांग्रेस कल्याणपुर से उम्मीदवार बनाया गया।

सपा और बसपा के ऑफर को खुशी दुबे के मायके वालों ने ठुकरा दिया। नेहा जमानत भी न बचा सकी। दलों का समीकरण यूपी में 13 प्रतिशत ब्राह्मण वोटों पर टिका था। बसपा दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण कार्ड खेल रही थी तो कांग्रेस प्रियंका का नारा लड़की हूं लड़ सकती हूं को आगे रखकर महिला प्रत्याशियों का चयन कर रही थी।

कांग्रेस ने खुशी की गिरफ्तारी पर भाजपा सरकार को पापी तक कह डाला था। और तो और भाजपा से राज्यसभा सदस्य पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने खुशी के मामले में योगी सरकार से पुनर्विचार की अपील तक कर डाली थी। इस चुनाव में ब्राह्मणों पर फोकस रखने वाली पार्टियों ने खुशी दुबे को केंद्र बिंदु में रखकर रणनीति बनायी। 

ब्राह्मण नाराज न हो जाए इसके लिए सभी दल प्रयासरत थे। शुरुआत बसपा ने की। मायावती तक ने उसके पक्ष में ट्वीट किया था। नेता लोग विकास दुबे और उसके गुर्गों पर कार्रवाई को जायज ठहराते हुए खुशी दुबे की गिरफ्तारी को उत्पीड़न बता रहे थे। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा था कि बिकरू कांड में नाबालिग खुशी को मुल्जिम बनाना प्रदेश सरकार का सबसे बड़ा पाप है।

योगी सरकार का पापी है। तिवारी कहते हैं कि कांग्रेस ने यूपी को सबसे ज्यादा 6 मुख्यमंत्री यूपी को दिए हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनके राज में पांच सौ ब्राह्मणों के एनकाउंटर हुए।

 

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