प्रयागराज: माघ मेले का पहला स्नान कल, संगम पर पहुंचने लगे हैं भक्त
प्रयागराज, अमृत विचार। मोक्षदायिनी माने जाने वाली गंगा नदी में माघ मेले का पहला स्नान कल होगा। इसमें शामिल होने के लिए संगम तट पर कल्पवासियों और भक्तों का सिलसिला आज से ही शुरू हो गया है। इस पहले स्नान को पौष पूर्णिमा का स्नान भी कहते हैं। इसके लिए संगम की रेती पर कई किलोमीटर के दायरे में तंबुओं का शहर बसाया गया है।
स्नान लिए 14 स्नान घाट तैयार किए गए हैं। इस बार देश-दुनिया से करीब 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। यह पर्व 18 फरवरी को महा शिवरात्रि स्नान के साथ संपन्न होगा।
जानकारों की मानें तो माघ महीने में कल्पवास, कृष्ण उपासना का विशेष महत्व है। कल्पवास 40 दिन का होता है। सिर्फ भारत से नहीं, विदेशों से भी श्रद्धालु कल्पवास के लिए यहां आते हैं। भक्त 40 दिन संन्यासियों की जिंदगी जीते हैं। ऐसा माना जाता है कि नियम पूर्वक कल्पवास करने से व्यक्ति जीवन की हर कठिनाइयों का समाधान खोजने में सक्षम हो जाता है। इतना ही नहीं, मन और इंद्रियों पर नियंत्रण करने की शक्ति भी प्राप्त होती है।
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