UP Weather News : कानपुर में धूप खिलने के बाद भी गलन नहीं हुई कम, अगले कुछ दिन ठंड और कर सकती परेशान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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UP Weather News कानपुर में लगातार गलन बढ़ रही है।

UP Weather News कानपुर में छह दिन बाद धूप निकलने के बाद भी गलन कम नहीं हुई है। वहीं, अभी अगले कुछ दिन ठंड और परेशान कर सकती है। कड़ाके की सर्दी से लोग घरों में ही दुबके हुये है।

कानपुर, अमृत विचार। UP Weather News गुरुवार को छह दिन बाद धूप खिली जिससे तापमान में मामूली वृद्धि तो हुई, लेकिन कड़कड़ाती सर्दी से बहुत ज्यादा राहत नहीं मिली। पारा पंद्रह डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की वजह से दिन में खूब गलन ने सताया।

धूप से राहत लेने के लिए घर से बाहर निकले लोगों को शीतलहर की वजह से लोई, मफलर, टोपी का सहारा लेना पड़ा। सुबह से दोपहर तक करीब चार घंटे तक धूप से राहत रही, लेकिन जैसे ही सूरज छिपा पारा एक साथ धड़ाम हो गया और रात में ठंड दिन के मुकाबले बहुत कम हो गया।

बादल और हल्की धुंध के साथ तड़के मौसम बना हुआ था। ठंड भी बहुत ज्यादा थी, मौसम देख धूप नहीं खिलने का आभास हो रहा था। लेकिन करीब सवा दस बजे के करीब सूरज ने झांका तो लोगों को धूप खिलने की उम्मीद जागने लगी। साढ़े दस बजे तक धूप काफी खिल चुकी थी और लोग भी रजाई छोड़ कमरे से बाहर निकलने लगे। शहर में घरों के बाहर, छतों पर, पार्कों में और सरकारी व प्राइवेट कार्यालयों के बाहर लोगों ने ज्यादा वक्त धूप में बिताया।

दोपहर करीब तीन बजे तक धूप का असर रहा, लेकिन उसके बाद जैसे-जैसे सूरज उबना शुरू हुआ, ठंड बढ़ना शुरू हो गई। हालांकि धूप के दौरान भी शीतलहर चलने से लोगों को गलन का खूब अहसास हुआ। अधिकतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि बुधवार के मुकाबले केवल मात्र दो डिग्री ज्यादा था।

वहीं रात में पारा तेजी के साथ लुढ़का और न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। शहर में गुरुवार की रात्रि का यह तापमान बुधवार की रात्रि के मुकाबले चार डिग्री तक ल़ुढ़क गया था। लोगों को कंबल और रजाई का सहारा लेना पड़ा। 

सात से 10 तक पाला पड़ने की आशंका

मौसम विभाग ने सात से दस जनवरी तक पाला पड़ने को लेकर खतरा जताया है। उन्होंने इसको लेकर किसानों को अलर्ट किया है। कहा कि पाले का  प्रभाव फसलों पर न पड़े, इसलिए जरूरी है कि अहतियात बरत ली जाए। सात से दस तक आशंका जताई जा रही है कि पाला पड़ सकता है जो नुकसान का कारण बन सकता है। जब आसमान साफ हो, हवा न चल रही हो और तापमान कम हो जाये तब पाला पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। पाला गेहूं और जौ में 10 से 20, सरसों, जीरा, धनिया, सौंफ, अफीम, मटर, चना, गन्ने में 30 से 40, सब्जियों में टमाटर, मिर्ची, बैंगन आदि में 40 से 60 नुकसान का खतरा रहता है।

ऐसे सुरक्षित कर सकते हैं फसल

सरसों, गेहू, चावल, आलू, मटर जैसी फसलों को पाले से बचाने के लिए गंधक का छिड़काव करने से न केवल पाले से बचाया जा सकता है, बल्कि इससे पौधों में लौह तत्व एवं रासायनिक तत्व भी बढ़ जाते हैं। पौधों में रोगों से लड़ने की क्षमता एवं फसल को जल्दी पकने में सहायक होते हैं। बारानी फसल में जब पाला पड़ने की आशकां हो तो पाले की आशंका वाले दिन फसल पर गंधक के तेजाब का 0.1 प्रतिशत का छिड़काव करें। इस प्रकार इसके छिड़काव से फसल के आसपास के वातावरण में तापमान बढ़ जाता है। तापमान जमाव बिंदु तक नहीं गिर पाता है, इससे पाले से होने वाले नुकसान से फसल को बचाया जा सकता है। छिड़काव का असर 10 से 15 दिन तक रहता 

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