Kanpur SBI Bank Theft : बैंक से चोरी में 14 दिन बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली, 29 ग्राहकों का था सोना

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Edited By Amrit Vichar
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Kanpur SBI Bank Theft कानपुर के एसबीआई बैंक चोरी में पुलिस के हाथ खाली।

Kanpur SBI Bank Theft कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में एसबीआई बैंक चोरी में 14 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली। इसमें 29 ग्राहकों का सोना रखा था। चोरों ने स्ट्रांग रूम में सुरंग बनाकर 99 लाख रुपये का 1.812 ग्राम सोना पार किया था।

कानपुर, अमृत विचार। Kanpur SBI Bank Theft सचेंडी थानाक्षेत्र अंतर्गत मु्ख्य हाईवे पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्ट्रांग रूम में पिछले वर्ष 23 दिसंबर को पीछे से सुरंग बनाकर घुसे बदमाशों ने 99 लाख रुपये कीमत का 1.812 ग्राम सोना पार कर पुलिस को खुली चुनौती दी थी। इस वारदात को हुए 14 दिन का समय बीत चुका है।

लेकिन अभी तक खाकी के हाथ खाली हैं। खुलासे के लिए पुलिस कमिशनर बीपी जोगदंड द्वारा गठित टीमों ने दर्जनों संदिग्धों को उठाकर पूछताछ और सीसीटीवी खंगाले लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। 

खराब थे सीसीटीवी, नहीं बजा था अलार्म

बदमाशों ने स्ट्रांग रूम का लाकर काटकर 1 किलो से ऊपर सोना पार कर दिया था। वारदात के दौरान वहां लगा सीसीटीवी खराब पड़ा था। साथ ही बैंक में लगा अलार्म भी नहीं बजा था। जिससे सीधे बदमाशों को फायदा मिला था। पुलिस ने रैकी कर पूरी घटना को अंजाम देने का अनुमान जताया था।

घटना में शक के आधार पर पुलिस ने बैंक कर्मचारी, पुताई वाला, चाय वाला आदि से कई दिन तक हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इस मामले मे फोरेंसिक टीम को बैंक से कोई साक्ष्य नहीं मिले थे। डॉग स्वाक्यड भी कुछ दूर तक गया था जिसके बाद तीन सगे भाईयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। बैंक मैनेजर नीरज राय ने स्ट्रांग रूम से 35 लाख रुपये नगद छोड़ जाने की बात पुलिस को बताई थी।

पुलिस को वर्ष 1997 में भी इसी बैंक एक बार पहले भी सोने की चोरी हो जाने की जानाकारी दी थी। जिसके बाद से पुलिस बैंक के भेदिए की नब्ज टटोल रही है। डीसीपी पश्चिम विजय ढुल ने भी बैंक के स्ट्रांग रूम में चोरी की वारदात किसी शातिर पेशवर अपराधी के द्वारा करने की बात कही थी। जिसने पूरी प्लानिंग के बाद वारदात को अंजाम दिया था। 

29 ग्राहकों का था सोना 

पुलिस ने जांच में पाया था कि चोरी हुआ गोल्ड अलग-अलग 29 ग्राहकों का था। उन ग्राहकों ने बैंक में सोना गिरवी रखकर लोन लिया था। बैंक अधिकारियों ने पूरे सोना वापस करने की बात कही थी। अलग-अलग तिथियों में लिए गए लोन की राशि दस्तावेजों को भी देखा गया।

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