साहब! अब कभी अपराध नहीं करूंगा, सम्मान के साथ आम नागरिक की तरह जीवन यापन करना चाहता हॅूं… एसपी के पास पहुंचा हिस्ट्रीशीटर
फर्रुखाबाद में जेल से छूटा हिस्ट्रीशीटर पहुंचा एसपी दफ्तर।
फर्रुखाबाद में जेल से छूटा हिस्ट्रीशीटर सीधे एसपी दफ्तर पहुंचा। युवक ने कहा कि वह अब कभी अपराध नहीं करूंगा, सम्मान के साथ आम नागरिक की तरह जीवन यापन करना चाहता हॅूं।
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। साहब मैं कोई भी अपराधिक कृत्य नहीं करूगा, सम्मान के साथ आम नागरिक की तरह परिवार के साथ जीवन यापन करना चाहता हूं, बस उसको पुलिस परेशान न करे। इस तरह का हलफनामा लिखकर एक हिस्ट्रीशीटर मां को साथ लेकर एसपी के दरवार पहुंच गया। उसने एसपी को अपराध न करने का हलफनामा दिया। मां ने भी एसपी को प्रार्थना पत्र देकर पुत्र की गुहार का समर्थन किया। वह सोमवार को ही जेल से छूट कर आया था।
अपराधियों में पुलिस का खौफ बढ़ता रहा है। हिस्ट्रीशीटर अपराध न करने की कसम खा कर पुलिस को हलफनामा देने लगे हैं। ऐसा ही मामला मंगलवा को एसपी कार्यालय में सामने आया। मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव तकीपुर निवासी अर्जुन मारपीट व अन्य मुकदमे में जिला कारागार में बंद था। जमानत होने सोमवार को जेल से छूट कर घर पहुंचा।
मंगलवार सुबह मां विमलेश को लेकर कचहरी पहुंचा और अपराध न करने का पुलिस अधीक्षक के नाम से हलफनामा बनवाया। इसके बाद मां के साथ एसपी के दरवार में पहुंच कर हलनामा दिया। इसमें कहा कि उसके ऊपर 10 से 12 मुकदमा चल रहे है। जो न्यायालय में विचाराधीन है। यह मुकदमे पुलिस द्वारा उसके खिलाफ झूठे दर्ज किए हैं। मुकदमो में न्यायालय से छूटने की पूर्ण उम्मीद भी है।
वह परिवार के साथ सामान्य लोगों की तरह आम जीवन व्यतीत करना चाहता है। इस कारण वह किसी भी अपराधिक कृत्य या गतिविधियों में शामिल नहीं होगा। भविष्य में बुलाने पर पर वह स्वयं थाने या एसपी कार्यालय चला आएगा। उसको पुलिस परेशान न करे, जिससे वह परिवार के साथ अन्य लोगों की तरह सामान्य जीवन जी सके।
मां विमलेश ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर पुत्र के दिए हलफनामा का समर्थन किया और पुत्र द्वारा भविष्य में अपराधिक कृत्य या गतिविधियों में शामिल न होने की बात कहीं। वह और उसका पुत्र पुलिस की शरण में रहना चाहता है।
