साहब ! मां का शव रखा और कर्मचारी ने रजिस्ट्रर में कराई इंट्री… मिन्नतों के बाद भी डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा, झकझोर देगी यह घटना
कानपुर के कांशीराम अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत।
कानपुर के कांशीराम अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत। मां की मौत के बाद बेटा मिन्नतें करता रहा और अस्पताल प्रशासन ने रजिस्टर में इंट्री करा ली।
कानपुर, अमृत विचार। मरीजों को इलाज नहीं मिलने पर जान जाने की खबर को बहुत सुनी होगी। लेकिन कांशीराम अस्पताल की यह घटना दिल को झकझोर देने वाली है। यहां मंगलवार को एक बेटा मां के इलाज के लिये डॉक्टरों से मिन्नतें करता रहा। लेकिन डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा। आखिर में उसकी मां की मौत हो गई। बेटा शव देख बदहवास हो गया।
यह था मामला
दरअसल, चकेरी के टटियन झनाका निवासी मजदूर आकाश के परिवार में मां विजमा 45, पिता विनोद कुमार, पांच बहनें थीं। मंगलवार दोपहर अचानक मां की तबियत खराब होने पर बेटा आकाश मां को लेकर कांशीराम अस्पताल पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने उससे कहा कि पर्चा बनवाओ तक इलाज होगा। इस पर वह ओपीडी की इमरजेंसी में पर्चा बनवाने के लिये भटकता रहा। मां की इलाज नहीं मिले पर मौत हो गई।
अपने ही पैसे के लिये करनी पड़ी मिन्नतें
बता दें कि, कांशीराम अस्पताल आने के लिये बेटे आकाश ने जेब में 13 हजार रुपये रखे थे। इधर, पर्चा बनवाने की जल्दी में जेब में रखे पैसे भी गिर गये। पैसे कई सीएमएस के पास पहुंच गये। जब पीड़ित पैसे मांगने गया। इस दौरान सीएमएस ने उसे फटकार दिया। काफी मिन्नतें के बाद पुलिस तक मामला पहुंचने पर उसे पैसे वापस मिले।
मां का शव रखा और कर्मचारी बोला- रजिस्टर में करो इंट्री
पीड़ित आकाश का आरोप है कि इलाज के अभाव में मां की मौत हो गई। मां का शव रखा था और कर्मचारी ने रजिस्ट्रर में नाम-पता, मोबाइल नंबर लिखवा लिया। मां की मौत और बेटे के बिलखने के बाद भी अस्पताल प्रशासन का दिल नहीं पसीजा।
सीएमएस बोले
इलाज के अभाव में मां की मौत होने की जानकारी नहीं है। बेटे द्वारा लगाये जा रहे आरोप झूठे है। मामले की जांच की जा रही है।- डा. स्वदेश गुप्ता, सीएमएस, कांशीराम अस्पताल
