Kanpur Violence : नई सड़क हिंसा के 20 फरार आरोपियों की होगी कुर्की, कमिश्नरेट पुलिस कर सकती इनाम की घोषणा

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Edited By Amrit Vichar
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Kanpur Violence कानपुर में नई सड़क हिंसा के फरार आरोपियों की होगी कुर्की।

Kanpur Violence कानपुर में नई सड़क हिंसा के 20 फरार आरोपियों की कुर्की होगी। कमिश्नरेट पुलिस इन पर इनाम की घोषणा भी कर सकती।

कानपुर, अमृत विचार। कानपुर में तीन जून की हिंसा में कमिश्नरेट पुलिस फरार बीस आरोपियों पर कड़ा शिकंजा कसने जा रही है। हिंसा के बाद से फरार चल रहे सभी आरोपियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की तलाश में जनसहयोग मिल सके इसके लिए उन पर इनाम की भी घोषणा की जाएगी।

जल्द पुलिस इन सभी आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। हिंसा में शामिल बीस आरोपियों समेत हिंसा में शामिल सबलू और बाबर की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाकर दबिशें दी जा रहीं हैं। इस पूरे मामले में संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया की तीन जून की हिंसा में पुलिस ने जिन आरोपियों को चिन्हित किया था उनमें से अधिकतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

हिंसा में करीब बीस आरोपी फरार चल रहे हैं। उनके खिलाफ अब 82, 83 की कार्रवाई कर सभी के ऊपर इनाम की घोषणा कर जल्द बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल शातिर अपराधी सबलू व बाबर और जाजमऊ निवासी शेरा को जल्द दबोच लिया जाएगा। 

नमाज के बाद भड़की थी हिंसा 

तीन जून को जुमे की नमाज के तुरंत बाद परेड, नई सड़क और यतीमखाना समेत कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी। नमाज के बाद दो समुदायों के सदस्य आमने-सामने आ गए थे और उन्होंने एक-दूसरे पर पथराव करना शुरु कर दिया था। हिंसा में दोनों पक्ष से दर्जनों लोग व कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

इस मामले में एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन के अध्यक्ष हयात जफर हाशमी पर हिंसा से पहले विवादित पोस्टर बंटवाने की साजिश थी। हिंसा में फंडिंग करने में बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा, हाजी वसी समेत कई मास्टमाइंड पुलिस हत्थे चढ़े थे। कई लोगों को इस मामले में जेल भेजने की कार्रवाई की जा चुकी है। इस मामले में छह माह से अन्य फरार चल रहे अन्य आरोपियों पर पुलिस पऱशासन बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को सीसीटीवी की मदद 

तत्कालीन पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने हयात जफर हाशमी, अहमद खान, मोहम्मद राहिल और मोहम्मद सुफियान को मुख्य रूप से साजिश में शामिल पाया था। जिन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने बताया था कि चार आरोपियों की पुलिस पीएफआई से संबंधों को लेकर भी जांच कर रही थी। हिंसा मामले में पुलिस ने 36 लोगों को गिरफ्तार किया था। तब से इस मामले में अन्य आरोपी फरार चल रहे थे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश में दबिशें दी जा रही है।

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