MCD चुनाव से पहले मोहल्ला क्लीनिक का धन रोकने वाले अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाए : सिसोदिया
नई दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को पत्र लिखकर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनावों से पहले कथित तौर पर ‘मोहल्ला क्लीनिक’ का धन रोकने वाले अधिकारियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने का अनुरोध किया। अपने पत्र में सिसोदिया ने सक्सेना पर अधिकारियों को इन कार्यों को करने के लिए धमकाने का भी आरोप लगाया। सिसोदिया के इस कदम से दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच शक्ति को लेकर संघर्ष और तेज होने की संभावना है।
सिसोदिया ने सक्सेना से दोषी अधिकारियों की पहचान करने और उन्हें तत्काल निलंबित करने का अनुरोध किया। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सिसोदिया ने पत्र में कहा, ‘‘उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करें और उन्हें गिरफ्तार करें। अन्यथा, यह साबित हो जाएगा कि आपने चुनावी लाभ के लिए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है।’’
सिसोदिया ने आरोप लगाया, ‘‘उपराज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को यह शोभा नहीं देता कि वह राजनीतिक फायदे के लिए चुनी हुई सरकार के खिलाफ इस तरह की साजिश रचे। और अगर कुछ अधिकारियों ने अपने स्तर पर साजिश रची है, तो निश्चित रूप से आप उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और यह संदेश दें कि आप संविधान में विश्वास करते हैं और इस तरह के किसी भी कार्य को बर्दाश्त नहीं करते।’’ मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि एमसीडी चुनाव से ठीक पहले ‘‘सभी मोहल्ला क्लीनिक की व्यवस्था को ठप करने की साजिश रची गई थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार में तैनात कुछ अधिकारियों ने जानबूझकर विभिन्न फाइल को इस तरह से इधर-उधर घुमाया कि एमसीडी चुनाव से ठीक दो महीने पहले -अक्टूबर और नवंबर में- मोहल्ला क्लीनिक के चिकित्सकों को उनके वेतन का भुगतान नहीं हुआ।’’ सिसोदिया ने दावा किया कि क्लीनिक में आने के बावजूद चिकित्सकों को उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया, जबकि मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक परीक्षण भी नहीं किए जा सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि इतना ही नहीं, मोहल्ला क्लीनिक के बिजली बिल का भुगतान भी रोका गया और किराए के भवनों में चल रहे मोहल्ला क्लीनिक का किराया भी जमा नहीं किया गया। वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक को एमसीडी चुनाव के पहले ठप करने वालों और उन्हें ऐसा करने का आदेश देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। ये देशद्रोह है।’’
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