हरदोई: मेडिकल कालेज में नहीं है रेडियोलॉजिस्ट, लखनऊ और सीतापुर जाने को मजबूर हैं मरीज 

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई, अमृत विचार। कहने को तो प्रदेश सरकार में स्वास्थ मंत्री ज़िले के ही है लेकिन डॉक्टरों की कमी के चलते ज़िला मुख्यालय की स्वास्थ्य सेवाएं बरसों से बदतर हालत में हैं। खास बात है कि ज़िला अस्पताल से मेडिकल कालेज तो बन गया है। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट न होने से यहां के लोगों को सीतापुर और लखनऊ तक दौड़ना पड़ता है। उम्मीद थी कि इस बार शासन से ज़िले को रेडियोलॉजिस्ट मिल जाएगा लेकिन जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के चलते हरदोई को रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिल सका। जबकि बहराइच, शाहजहांपुर, बस्ती,महाराजगंज, कानपुर देहात, बांदा,फतेहपुर और मऊ ज़िलों में 19 जनवरी को रेडियोलॉजिस्ट दे दिए गए। हरदोई की बदकिस्मती ही कहा जाएगा कि कहने को तो अब मेडिकल कॉलेज हो गया है लेकिन मेडिकल के नाम पर सुविधाएं सिर्फ मज़ाक बन कर रह गई है।

उत्तर प्रदेश शासन चिकित्सा अनुभाग 2 लखनऊ द्वारा दिनांक 19 जनवरी 2023 को कार्यालय को जारी हुए आदेश के मुताबिक डा.प्रदीप कुमार वरिष्ठ परामर्शदाता ज़िला महिला चिकित्सालय बाराबंकी को रेडियोलॉजिस्ट बहराइच, डा.रविंद्र प्रताप मिश्र एसीएमओ बरेली को रेडियोलॉजिस्ट शाहजहांपुर, डा.राजीव रंजन ज़िला अस्पताल रायबरेली को रेडियोलॉजिस्ट बस्ती,डा. मणि भूषण तिवारी को महिला अस्पताल गोरखपुर से ज़िला संयुक्त चिकित्सालय कुशीनगर को किए गए स्थानान्तरण को संशोधित करते हुए रेडियोलॉजिस्ट ज़िला संयुक्त चिकित्सालय महाराजगंज बनाया गया है। वहीं डा.ओम प्रकाश ज़िला संयुक्त चिकित्सालय छिबरामऊ कन्नौज से रेडियोलॉजिस्ट ज़िला अस्पताल कानपुर देहात,डा.किशन कुमार वरिष्ठ परामर्शदाता ज़िला संयुक्त चिकित्सालय चित्रकूट से वरिष्ठ परामर्शदाता रेडियोलॉजिस्ट ज़िला अस्पताल बांदा, डा. सुरेश कुमार पाठक ज़िला संयुक्त चिकित्सालय महाराजगंज से रेडियोलॉजिस्ट फतेहपुर और डा.विजय कुमार सिंह आधीन सीएमओ गोरखपुर को रेडियोलॉजिस्ट ज़िला संयुक्त चिकित्सालय मऊ बनाया गया है। लेकिन हरदोई ज़िले में अभी भी रेडियोलॉजिस्ट की खाली पड़ी कुर्सी को भरने की ज़हमत न तो शासन ने उठाई और ना ही इस तरफ ज़िले के संवेदनशील जनप्रतिनिधियों ने ही यह आवाज़ उठाई ।

हालत यह है कि ज़िले के लोगों को एक्सरे कराने के लिए (मेडिको लीगल) सीतापुर और लखनऊ जाना पड़ता है। यही नहीं अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो पा रहे हैं। ज़िले के लोगों को हो रही इस असुविधा से ज़िले के जनप्रतिनिधि अनभिज्ञ हैं या फिर उदासीन है लोगों का कहना है कि यदि एक भी रेडियोलॉजिस्ट अंडर सीएमओ हरदोई को दे दिया जाता तो उसकी जिला मुख्यालय पर तैनाती कर इस समस्या से समाधान हो सकता था। लेकिन इस बार भी हरदोई को नए साल पर झटका लगा है देखना है कि अब कभी भविष्य में जिले में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होती भी है या नहीं या घर की बात है।

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