सरकार हिंदू मंदिर में तोड़फोड करने वालों का पासपोर्ट करे रद्द : मंदिर के पुजारी

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Edited By Amrit Vichar
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टोरंटो। कनाडा के ब्रैम्पटन स्थित गौरी शंकर मंदिर के संस्थापक और पुजारी ने मंगलवार को भारत सरकार से अपील की कि कनाडा में जो भी भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं उनका पासपोर्ट रद्द किया जाए।

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दो दशक से ब्रैम्पटन शहर में रह रहे धीरेंद्र त्रिपाठी ने कनाडा के अधिकारियों से मांग की है कि सोमवार को मंदिर में तोड-फोड़ करने और उसकी दीवारों पर भारत विरोधी संदेश लिखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि इन गतिविधियों से भारतीय समुदाय में आक्रोश है।

त्रिपाठी ने कहा कि गौरी शंकर मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को समाज विरोधी तत्वों ने सोमवार रात को अंजाम दिया। पुजारी ने बताया कि जिस सड़क पर मंदिर है उसपर कैमरे नहीं लगे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि वह भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त भारतीयों का पासपोर्ट रद्द करने और कनाडा का पासपोर्ट धारण करने वालों को वीजा नहीं देने पर विचार करे ताकि वे कभी भारत नहीं लौट सके।’’

त्रिपाठी ने कहा, ‘‘खालिस्तानियों ने हमारे भीतर भय का माहौल पैदा कर दिया है। उनका हौसला बढ़ गया है और समुदाय उनकी अगली गतिविधि को लेकर अनिश्चय की स्थिति में है। कनाडा के अधिकारियों को उनकी गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।’’ टोरंटो स्थित भारतीय महा वाणिज्यदूतावास ने कहा कि मंदिर की दीवारों को विरूपित करने से कनाडा में रह रहे भारतीय समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।

महा वाणिज्यदूतावास ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘‘हमने अपनी चिंताओं से कनाडा के अधिकारियों को अवगत कराया है।’’ कनाडा के अधिकारी इस तोड़फोड़ की घटना की जांच कर रहे हैं जो अकेला मामला नहीं है। पिछले सात महीने में कनाडा में इसी तरह के कम से कम तीन मामले दर्ज किए गए हैं।

ब्रैम्पटन के महापौर पैट्रिक ब्राउन ने घटना की निंदा करते हुए कहा, ‘‘इस घृणात्मक तोड़फोड़ की घटना का हमारे शहर या देश में कोई जगह नहीं है। मैंने इस घृणा अपराध के प्रति चिंताओं से पील क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख निशान दुरईप्पाह को अवगत कराया है। सभी लोग अपने पूजास्थलों पर सुरक्षित महसूस करने के हकदार हैं।’’

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