प्रबंधन के अड़ियल रवैये से जूनियर अभियंताओं में गुस्सा

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। पावर कारपोरेशन प्रबन्धन द्वारा अवर अभियंता संवर्ग की जायज मांगो पर भी सकारात्मक रुख नही अपनाने और पूर्वांचल निगम के निजीकरण के प्रयास से जूनियर इंजीनियर संगठन के अभियंताओं में आक्रोश व्याप्त है। इस पर अभियंताओं ने रविवार को बैठक कर सरकार को संदेश देने की कोशिश की। संगठन के नेताओं ने कहा कि …

लखनऊ। पावर कारपोरेशन प्रबन्धन द्वारा अवर अभियंता संवर्ग की जायज मांगो पर भी सकारात्मक रुख नही अपनाने और पूर्वांचल निगम के निजीकरण के प्रयास से जूनियर इंजीनियर संगठन के अभियंताओं में आक्रोश व्याप्त है। इस पर अभियंताओं ने रविवार को बैठक कर सरकार को संदेश देने की कोशिश की।

संगठन के नेताओं ने कहा कि प्रबंधन जूनियर इंजीनियर संगठन की जायज मांगों को भी नजर अंदाज कर रहा है, इतना ही नहीं वह अब विभाग के निजीकरण की कोशिश कर रहा है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रबंधन हमारी मांगों को नहीं मानती है तो आगामी दिनों में हम जोरदार प्रदर्शन करेंगे। बैठक में प्रमुख रूप से इस कोरोना काल में जो कि पूरे प्रदेश में विकराल रूप लिय हुए है, प्रबन्धन द्वारा लाइन लॉस कम करने के नाम पर लोगो के संपर्क में जाने को मजबूर कर जान जोखिम में डालने के आदेश पर अवर अभियंता संवर्ग के सदस्यों ने भारी रोष व्यक्त किया गया।

अवर अभियन्ता संवर्ग ने झटपट पोर्टल, निवेश मित्र पोर्टल एवम ऑनलाइन कंप्लेन पोर्टल की व्यवहारिक कमियों को विस्तार से इंगित करते हुए उसमें आवश्यक सुधारों के बारे में विचार विमर्श किया। पूरे प्रदेश के वितरण/पारेषण/उत्पादन निगम में बुनियादी सुविधाओं एवं मटीरियल की भारी कमी के कारण बेहतर उपभोक्ता सेवा,पारेषण उपकेंद्रों एवम उत्पादन गृहो के अनुरक्षण में आ रही व्यवहारिक समस्याओं पर चर्चा की तथा आवश्यक मैन, मैटीरियल एवं मनी की उपलबधता सुनिश्चित करने के लिए प्रबन्धन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की गयी।

अवर अभियंता संवर्ग को एसीपी व्यवस्था के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रबंधन द्वारा मन माने ढंग से व्यख्या करके समाप्त करने के प्रयास का जोरदार विरोध किया गया। इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 एवम पूर्वांचल निगम के निजीकरण जो कि उपभोक्ता एवम अभियंता/अवर अभियंता/कर्मचारी विरोधी हैं को लागू करने के किसी भी पहल का जोरदार विरोध करते हुए आंदोलन करने का निर्णय किया गया।

साथ ही पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक द्वारा अभियन्ताओं के बड़े पैमाने पर किये जा रहे उत्पीड़न, लगातार एवं असमय की जा रही वीसी, उनके विरूद्ध कराई जा रही अनावश्यक जांचों आदि तमाम उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को तत्काल निरस्त करने की मांग की गयी।

राविपजूईसं के केंद्रीय अध्यक्ष ई. जीवी पटेल और केंद्रीय महासचिव ई. जय प्रकाश ने संयुक्त बयान में कहा कि अवर अभियंताओ के विरूद्ध कराई जा रही अनावश्यक जांचों आदि तमाम उत्पीड़नात्मक एवं भयादोहन वाली कार्य प्रणाली तथा अवर अभियंता संवर्ग को एसीपी व्यवस्था के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रबंधन द्वारा मन माने ढंग से व्यख्या करके समाप्त करने के प्रयास को समाप्त करने के लिए पावर कारपोरेशन के उच्च प्रबंधन के सम्मुख रखा गया है तथा पूर्वांचल निगम के निजीकरण जो कि उपभोक्ता एवम अभियंता/अवर अभियंता/कर्मचारी विरोधी हैं को लागू करने के किसी भी पहल का जोरदार विरोध करते हुए आंदोलन करने का निर्णय किया गया।

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