भारत की धमक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धाक से बौखलाया विपक्ष : नकवी

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नरेंद्र मोदी के संकल्प, संस्कृति और सुशासन की शक्ति ने साबित कर दिया है कि न सच परेशान हो सकता है न परास्त  

रामपुर, अमृत विचार। मिलक में रठौंडा किसान मेला का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने किया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि  दुनिया में भारत की बढ़ती धमक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धाक से विपक्षी बौखलाए हुए हैं। बीमार संस्थानों लोगों की मोदी बैशिंग की सनक,भारत बैशिंग की साजिश का रूप लेती जा रही है।जिला पंचायत के तत्वावधान में मिलक के रठौंडा किसान मेले का गुरुवार को  पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने उद्घाटन किया।

इस मौके पर कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश में सकारात्मक,सौहार्द पूर्ण, समावेशी सशक्तिकरण के माहौल से परेशान राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय साजिशी सिन्डीकेट एक बार फिर से मार्केट में साज़िशों की फटी संदूक और बदनामी की फुकी बन्दूक लेकर घूम रहे हैं। आजादी के बाद कांग्रेस शासित राज्यों में महीनों चले हजारों साम्प्रदायिक दंगों और उनमें लाखों लोगों की बर्बादी की बर्बर हकीकत  किसी देशी-विदेशी मीडिया ट्रायल का एजेंडा क्यों नहीं बना। इन साम्प्रदायिक दंगों,नरसंहार के कम्युनल कलंक के बावजूद कांग्रेस सेक्युलरिज्म की सूरमा बन कर और दूसरों पर कम्युनल कलर  फेंक अपने पाप पर पैबंद का पाखंड  करती रही है।

कम्युनल क्रिमिनल करतूत की गुनाहगार कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता के संदूक से दूसरों पर साम्प्रदायिकता की बंदूक चलाती रही, लेकिन नरेंद्र मोदी के परिश्रम के परिणाम तपस्या की ताकत ने साजिशी संदूक, बदनाम बंदूक  की हवा निकाल दी। साम्प्रदायिक वोटों की ठेकेदारी को  समावेशी विकास की हिस्सेदारी से ध्वस्त कर दिया।

कांग्रेस शासित राज्यों में भिवंडी,कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री वसंतदादा पाटिल के शासनकाल में,भागलपुर,कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री एसएन सिन्हा के शासनकाल में,जलगांव,कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री वसंतराव नाइक के शासनकाल में, मुरादाबाद, मलियाना, कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीपी सिंह एवं वीर बहादुर सिंह के शासनकाल में, दिल्ली में सिख नरसंहार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासनकाल में, मुंबई कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुधाकर राव नाइक के शासनकाल में जैसे महीनों चले हजारों दंगों में लाखों लोगों के कत्लेआम और बर्बादी की बर्बर कहानी या तो दबा दी गई या दफन हो गई।इन सभी दंगों के बाद ना तो किसी मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई की आवाज उठी न ही उनकी सरकार-पार्टी को इन दंगों का दोषी या जिम्मेदार बताया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, एसडीएम मिलक अमन देओल, सीएमओ एसपी सिंह मौजूद रहे।

20 साल पुरानी गुजरात के घटनाक्रम पर रची जा रही साजिश
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लगभग बीस साल पहले गुजरात के एक ऐसे घटनाक्रम को सोची-समझी अपराधिक साजिश की मानसिकता से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। जिसे सिर्फ तीन से चार दिनों में कन्ट्रोल ही नहीं किया गया। बिना भेदभाव के दोषियों पर कार्रवाई हुई, पीड़ितों की मदद की गई,सुनिश्चित किया गया कि ऐसी घटना फिर न हो। जिस गुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने से पहले हर छह-सात महीने में साम्प्रदायिक दंगा आम बात थी वहां 2002 के बाद से इस तरह का कोई घटनाक्रम न होना  नरेंद्र मोदी के इकबाल,ईमान, इंसाफ से भरपूर सशक्त, संवेदनशील नेतृत्व का नतीजा है।

मोदी के खिलाफ एक भी आरोप न्यायालयों में नहीं टिक सका, हर जगह से उन्हें क्लीन चिट मिली। जनता ने बार-बार जनादेश देकर उनके नेतृत्व की विश्वसनीयता पर मुहर लगाई, फिर भी राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त कुछ देशी-विदेशी संगठन-संस्थान  झूठ के झाड़ से सच के पहाड़ को ढकने की साजिश में लगे रहे। नरेंद्र मोदी की विश्व में लगातार बढ़ती लोकप्रियता को नुकसान पहुंचाने की आपराधिक मानसिकता के तहत चल रहा है। नरेंद्र मोदी के संकल्प, संस्कृति और सुशासन की शक्ति ने साबित कर दिया है  कि न सच परेशान हो सकता है न परास्त।

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