लखनऊ : सीएएल ने सात खिलाड़ियों पर की कार्रवाई, दो खिलाड़ी निलंबित
पांच अन्य खिलाड़ियों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना
अमृत विचार, लखनऊ। क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ (सीएएल) ने शनिवार को छह खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की। इसमें एक खिलाड़ी को छह महीने तक निलंबित किये जाने के साथ ही अन्य पांच खिलाड़ियों पर 50-50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। आर्थिक दंड भुगतान न कर पाने की दशा में इन खिलाड़ियों को भी छह महीने तक निलंबित किया जायेगा। निलंबन की अवधि के लिए निलंबित खिलाड़ी किसी टूर्नामेंट में नहीं खेल सकेंगे, न ही किसी चयन ट्रायल में शामिल हो सकेंगे।
बताते चले कि कुछ दिनों पूर्व पं. रास बिहारी तिवारी स्टेडियम पर दो टीमों के मध्य बवाल हो गया था। इस मामले में सीएएल ने जांच समिति गठित की थी। जांच समिति की रिपोर्ट पर शुक्रवार को छह खिलाड़ियों के खिलाफ एक्शन लिया। समिति के सदस्यों के अनुसार ओम कश्यप ने खेल के मैदान पर दुर्व्यवहार किया है। ऐसे में इन को छह माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। ओम की टीम को अब एक माफीनामा लिख कर सीएएल को देना होगा। साथ ही ओम को यह विश्वास दिलाना होगा कि दोबारा इस तरह का व्यवहार वह मैदान पर नहीं करेंगे। साथ ही ओम कश्यप अगले छह महीने तक किसी भी टूर्नामेंट में नहीं खेल सकेंगे न ही किसी चयन ट्रायल में शामिल हो सकेंगे। ओम के साथ अभिषेक मिश्रा को भी 6 माह के लिए निलंबित किया गया है। इस दौरान वह किसी भी प्रतियोगिता और चयन प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे।
प्रकरण की जांच के बाद बोर्ड के खिलाड़ी अजय सिंह पर 50 हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया है। यह फैसला उनके भविष्य को देखते हुए लिया गया है। आर्थिक दंड जमा न करने पर अजय सिंह को भी छह माह के लिए निलंबित किया जायेगा। इस दौरान वह भी किसी चयन प्रक्रिया और प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकेंगे। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा हुई तो गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे।
सेंट्रल क्लब के नमन तिवारी, प्रियांशू पाण्डेय और सत्यम पाण्डेय बोर्ड ट्रॉफी के साथ ही अन्य मुकाबलों में खेल रहे हैं। खेल के दौरान इन खिलाड़ियों का खराब व्यवहार गंभीर श्रेणी में आता है। लेकिन इनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए समिति ने नमन तिवारी, प्रियांशू पाण्डेय एवं सत्यम पाण्डेय पर 50-50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। आर्थिक दंड जमा न कर पाने की दशा में ये खिलाड़ी भी निलंबित रहेंगे।
इस पूरे प्रकरण में सेंट्रम क्लब के यश साहनी की भूमिका भी निंदनीय रही। वह टीम के कप्तान भी हैं। इस पर समिति ने उन पर भी 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया गया और छह महीने तक वह किसी भी प्रतियोगिता एवं चयन प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे।
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