बरेली: कृषि भूमि कामर्शियल दिखा हड़पा मुआवजा, दो अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी
बरेली, अमृत विचार। सितारगंज-बरेली एनएच-74 के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण करने के दौरान फर्जीवाड़ा करने के आरोप में घिरे दो पीसीएस अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इनके खिलाफ की गई जांच रिपोर्ट लंबे समय तक विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय की अलमारी में दबी रही लेकिन अब फाइल बाहर आ गई …
बरेली, अमृत विचार। सितारगंज-बरेली एनएच-74 के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण करने के दौरान फर्जीवाड़ा करने के आरोप में घिरे दो पीसीएस अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इनके खिलाफ की गई जांच रिपोर्ट लंबे समय तक विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय की अलमारी में दबी रही लेकिन अब फाइल बाहर आ गई है। पीसीएस अफसर मनीष कुमार नाहर और कुंवर पंकज बरेली जनपद में कब-कब कहां-कहां तैनात रहे। इसकी पूरी डिटेल कलेक्ट्रेट से तलब की गई। दोनों अफसरों की तैनाती रिपोर्ट विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (संयुक्त संगठन) के जरिए कमिश्नर कार्यालय भेजी जाएगी।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि कमिश्नर तैनाती रिपोर्ट और पुरानी जांच रिपोर्ट को देखने के बाद दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए शासन को अपनी संस्तुति रिपोर्ट भेजेंगे। बता दें कि 26 फरवरी को कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने कलेक्ट्रेट का वार्षिक मुआयना किया, तब विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण में सितारगंज-बरेली एनएच 74 भूमि अधिग्रहण के मुआवजे से जुड़ी भ्रष्टाचार की फाइल तलब की थी।
900 की जगह 4000 रुपये प्रति वर्ग मीटर बांटा गया था मुआवजा
वर्ष 2012-13 में बरेली-सितारगंज हाईवे को सात से दस मीटर चौड़ा करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) को प्रशासन ने बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण कराई थी। इसमें हथमना, माधौपुर और सिरसा गांव के किसानों की भूमि अधिग्रहण की गई थी। उस वक्त सर्किल रेट के अनुसार 900 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब किसानों को मुआवजा देना तय किया गया था।
तत्कालीन विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारियों की मिलीभगत से 900 रुपये प्रति वर्ग मीटर की जमीन को 4000 रुपये वर्ग मीटर की दर्शाकर सरकार से करोड़ों रुपया हड़पा था। 16 किसानों को भी शामिल किया था। पीसीएस अफसर मनीष कुमार नाहर और कुंवर पंकज के खिलाफ जांच की गई थी। कृषि भूमि को कामर्शियल दिखाया गया था। तत्कालीन कमिश्नर डा. पीवी जगनमोहन ने दोनों अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा भी था। जनवरी में विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के दो कर्मचारी अनवर हुसैन कुरैशी और सुरेन्द्र पाल सिंह को निलंबित किया गया था।
पीसीएस मनीष कुमार यहां पर रहे तैनात
कलेक्ट्रेट से मिली जानकारी के अनुसार 15 जुलाई 2013 को मनीष कुमार नाहर को अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम में तैनाती मिली। एएसडीएम का कार्यभर मिला। 30 अगस्त 2013 को उपजिलाधिकारी मीरगंज बने। 22 मई 2014 को आंवला एसडीएम से उप जिलाधिकारी सदर बने। तब एसएलएओ का कार्य भी देखने को मिला। 8 मई 2015 को डिप्टी कलेक्टर से अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय बने। अग्रिम आदेशों तक एसएलएओ का कार्य देखने के भी आदेश हुए थे। 19 जनवरी 2016 में एसडीएम आंवला से फिर उप जिलाधिकारी सदर बनाए गए थे।
कुंवर पंकज की यहां पर रही तैनाती
8 सितंबर 2014 को उप जिलाधिकारी मीरगंज बनाए गए। 7 अक्टूबर 2015 को अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय से उप जिलाधिकारी फरीदपुर बनाया गया। 24 अगस्त 2016 को एसएलएओ विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के पद पर संबद्ध किए गए। 26 अगस्त को अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। 13 सितंबर 2016 को एसडीएम बहेड़ी बनाए गए। 23 फरवरी 2017 को एसएलएओ के पद से संबद्धता समाप्त की गई। 29 मई 2017 को एसडीएम बहेड़ी से उपजिलाधिकारी फरीदपुर बनाए गए। 23 दिसंबर 2017 को उप जिलाधिकारी नवाबगंज बने थे। 13 मार्च 2018 को एसडीएम सदर बनाए गए थे।
जिले में इनकी भी तैनाती की रिपोर्ट तलब हुई
पीसीएस लक्ष्मी शंकर सिंह 14 सितंबर 2012 को अपर उप जिलाधिकारी सदर बनाए गए। 14 मार्च 2013 को उपजिलाधिकारी फरीदपुर बने। अग्रिम आदेशों तक एसएलएओ के पद का कार्य भी संपादित करने की जिम्मेदारी मिली। 15 जुलाई 2013 को अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय बने। तब एसएलएओ का कार्य इनके पास से हटाकर नवाबगंज एसडीएम को सौंपा गया था। 4 मार्च 2014 को उप जिलाधिकारी बहेड़ी से हटाकर अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम का चार्ज मिला था। एसएलएओ का चार्ज फिर इनके पास आ गया था।
