Kanpur News: CSJM में संरक्षित होंगे वन्य जीव, चिड़ियाघर, वन विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन मिलकर करेगा तैयार
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में पेड़-पौधे और वन्य जीव संरक्षित हो सकेंगे।
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में वन्य जीव संरक्षित होंगे। प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय। जहां बायोडायवर्सिटी पार्क बनाया जाएगा। चिड़ियाघर, वन विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन मिलकर तैयार करेगा।
कानपुर, अमृत विचार। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में पेड़-पौधे और वन्य जीव संरक्षित हो सकेंगे। उन्हें ऐसा माहौल दिया जाएगा, जिससे न सिर्फ उनका वंश बढ़ेगा, बल्कि पर्यावरण स्वच्छ व सुरक्षित हो सकेगा। यहां बायोडायवर्सिटी पार्क खुलने जा रहा है। इससे सीएसजेएमयू प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बन जाएगा, जहां जैव विविधता पार्क है। यह पार्क चिड़ियाघर, वन विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से तैयार किया जाएगा।
बायोडायवर्सिटी पार्क के निर्माण के लिए सहमति मिल गई है। इसके लिए कमेटी तैयार की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फाइन आर्ट्स विभाग के पास दो एकड़ की जमीन चिह्नित की गई है। मीडिया प्रभारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि संस्थान में जैव विविधता पार्क के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग गई है। यह काफी भव्य रहेगा। पार्क को वन्य जीवों के अनुकूल बनाने के साथ औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।
झील और वॉच टॉवर बनेंगे
विश्वविद्यालय की तीन सदस्यी कमेटी की ओर से निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। बायोडायवर्सिटी पार्क में झील और वॉच टॉवर बनाया जाएगा। कृत्रिम पहाड़ और उस पर पौधे लगाए जाएंगे, जिससे विदेशी पक्षियों को आकर्षित किया जा सकेगा। कई जंगली पौधे भी रोपित किए जाएंगे।
छात्र-छात्राएं कर सकेंगे शोध
मीडिया प्रभारी के मुताबिक पार्क में विलुप्त हो रहे या फिर मुश्किल से मिल रहे पौधों को लगाया जाएगा। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं इस पर शोध कर सकेंगे। अन्य विश्वविद्यालयों और संस्थानों के छात्रों को आमंत्रित किया जाएगा।
कुछ हिस्सा रहेगा संरक्षित
पार्क का कुछ हिस्सा संरक्षित रहेगा, जहां पर जाने की पाबंदी किसी की नहीं रहेगी। वन्य जीव और पौधों से छेड़छाड़ नहीं किया जा सकेगा। यह क्षेत्र पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों से युक्त रहेगा। कई संस्थाओं के साथ करार किया जा सकता है।
