लखनऊ : मंत्री दयाशंकर सिंह और उनके भाई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

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फ्लैट को नुकसान पहुंचाने की पड़ोसी ने दर्ज कराई थी एफआईआर

लखनऊ, अमृत विचार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव ने एनेक्सी के सामने स्थित अक्षय भवन में एक फ्लैट की पानी का लाइन क्षतिग्रस्त करने आदि के मामले में आरोपित दयाशंकर सिंह व उनके भाई धमेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ पुनः गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई छह मार्च को होगी। कोर्ट ने इसके पहले भी दोनों के खिलाफ वारंट जारी किया था।

इस मामले की एफआईआर मनोरमा टंडन ने थाना हुसैनगंज में 19 मई 2014 को दर्ज कराई थी जिसके मुताबिक अक्षय निवास के फ्लैट नंबर जी-3 में वादिनी रहती हैं। आरोप है कि वादिनी के ठीक ऊपर के फ्लैट नंबर 1/3 का पिछले 13 वर्ष से भुगतान नहीं करने के कारण सभी सुविधाएं कटी हुई थी लेकिन दयाशंकर सिंह ने दबंगई के बल पर सभी सुविधाओं को खुद से जोड़ने का प्रयास किया।

आरोप है कि उन्होंने अपने किचन में पानी का लाइन जोड़ने के अवैध प्रयास में अक्षय भवन की दक्षिणी डक्ट में छह इंच का पीवीसी लाइन क्षतिग्रस्त कर दिया, वादिनी के फ्लैट के बाथरुम की डक्ट में जबरदस्ती अपने आदमी उतारकर पानी की लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा वादिनी के बाथरुम में लगे शीट के पर्दे को तोड़ दिया गया, जिसके गिरने से वादिनी की बेटी को चोट भी आ गई। कहा गया है कि अभियुक्तों ने अपने फ्लैट के बाथरुम से वादिनी के फ्लैट के बाथरुम में घुसने का रास्ता भी खोल लिया था तथा उनके द्वारा बाहरी व्यक्तियों के साथ पुनः अपनी लाइन जोड़ने के प्रयास में वादिनी की किचन की लाइन तोड़ दी गई जिससे वादिनी के घर के अंदर पानी भरने लगा व अक्षय भवन के ओवरहैड टैंक का सारा पानी बह गया। कहा गया है कि करीब 20 घंटे तक पूरे भवन की पानी की सप्लाई बंद रही। पुलिस ने 21 जून, 2014 को इस मामले में अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

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