बरेली: फाइव स्टार होटल रेडिसन में घटिया खाना फिर भी परचून वालों से भी कम जुर्माना
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 15 सितंबर 2021 को छापा मारकर भरे थे काजू, दलिया, साबुत काली मिर्च और येलो मिर्च पाउडर के नमूने, अधोमानक निकली गुणवत्ता
बरेली, अमृत विचार। फाइव स्टार कहे जाने वाले शहर के होटल रेडिसन में इस्तेमाल किए जाने वाले काजू, दलिया, येलो मिर्च पाउडर और काली मिर्च जैसी कई चीजों की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटल से इन चीजों के नमूने भरे थे, जिन्हें लखनऊ लैब से अलग-अलग तारीखों में आई रिपोर्ट में अधोमानक यानी घटिया बताया गया है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले में होटल पर सिर्फ 5-5 हजार का जुर्माना डाला गया है जो आमतौर पर गांव-देहात की परचून की दुकानों पर डाले जाने वाले जुर्माने से भी काफी कम है।
होटल रेडिसन से खाद्य सुरक्षा विभाग ने 15 सितंबर 2021 को चार चीजों के नमूने भरे थे। लैब की जांच में इन्हें अधोमानक बताया गया तो अपर जिलाधिकारी नगर के न्यायालय में वाद दायर किया गया जिसके बाद होटल को नोटिस जारी कर सुनवाई शुरू की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद चारों मामलों में होटल मैनेजर पर सिर्फ 5-5 हजार रुपये का जुर्माना डाला गया है। इस संबंध में एडीएम सिटी कोर्ट से 16 जनवरी को आदेश जारी किया गया। अब यह आदेश चर्चा में है।
हैरतअंगेज यह है कि साल 2021, 2022 और जनवरी 2023 में 100 से ज्यादा नमूने अधोमानक पाए जाने के बाद इन मामलों में 20 हजार से लेकर चार लाख रुपये तक का जुर्माना डाला गया है। फाइव स्टार होटल रेडिसन पर परचून की दुकानों से भी कम जुर्माना डाले जाने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि एडीएम सिटी ने अपने आदेश में कहा है कि अधोमानक मिर्च पाउडर बेचने के लिए रखना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26/51 के तहत दंडनीय अपराध है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 15 सितंबर 2021 की दोपहर रेडिसन होटल में नमूने भरे थे। उस दिन होटल मैनेजर वसीउद्दीन को येलो मिर्च पाउडर (मूल पैक में 100 ग्राम के पैकेट) और एक किलोग्राम काली मिर्च साबुत मानव उपभोग और बिक्री के लिए संग्रहित करते पाया था। गुणवत्ता पर संदेह होने पर येलो मिर्च के 8 पैकेट 360 रुपये और एक किलोग्राम काली मिर्च 650 रुपये देकर खरीदी गई और उनके नमूने लैब भेजे गए। खाद्य विश्लेषक लखनऊ की रिपोर्ट में येलो मिर्च पाउडर और काली मिर्च का नमूना अधोमानक पाया गया।
उत्पादों के दाम फाइव स्टार के स्तर के ही
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने होटल से अन्नपूर्णा दलिया और रिश्ता ब्रांड काजू के नमूने भी 15 सितंबर 2021 को भरे थे। गुणवत्ता और शुद्धता पर संदेह होने पर इनके नमूने लैब भेजे गए। दलिया के 264 रुपये के चार पैकेट और काजू के चार पैकेट 650 रुपये नकद देकर खरीदे गए। लखनऊ लैब से 20 दिसंबर 2021 को दलिया और 30 अक्टूबर 2021 को काजू की रिपोर्ट आई। ये दोनों नमूने भी अधोमानक बताए गए।
यह केस पुराना है, ठीक से याद नहीं है। धुंधला-धुधला याद है। इस केस में होटल की कोई गलती नहीं थी। पैकेट में बंद खाद्य पदार्थों के निर्माता की गलती थी। आदेश के मुताबिक पांच-पांच हजार जुर्माना भर दिया गया है। अब केस खत्म हो गया है- वसीउद्दीन मैनेजर रेडिसन होटल।
दूसरे कारोबारियों पर पूरे साल 1 से 5 लाख तक का जुर्माना
न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर)/न्याय निर्णायक अधिकारी के कोर्ट से 2022 में अधोमानक नमूनों के मामलों में 27 उद्यमियों के विरुद्ध 1 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया। परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मेसर्स मॉडर्न इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध 4 लाख और 5 लाख का जुर्माना वसूलने के लिए आरसी तक जारी की गई थी। भुता निवासी इसरार अहमद पर 3 लाख, गांव जोखनपुर (बहेड़ी) के फजील अहमद पर 2 लाख, फरीदपुर के मोहल्ला मिर्धान के मो. इश्त्याक पर 1.50 लाख, कोहाड़ापीर के डाकखाने वाली गली में दुकान चलाने वाले अर्पित अग्रवाल पर 1 लाख, एयरफोर्स गेट गायत्री नगर के रविंद्र सिंह पर 1 लाख, बिहारीपुर सिविल लाइंस के अनूप चंदा पर 3 लाख रुपये, नरायन नगला (बहेड़ी) के देवीदास पर 2 लाख, घंघौरा पिपरिया (भोजीपुरा) के शाकिर मंसूरी पर 50 लाख, गैनी (अलीगंज) की नई बस्ती के संजीव कुमार पर 4 लाख, संजय नगर के सपना आहूजा फूड प्रोडक्ट्स (निर्माता) पर 3 लाख, किला नवदिया के मोहसिन पर 3 लाख, प्रेमनगर की मैकेनियर रोड के सुशील माहेश्वरी पर 3 और 4 लाख, मैकेनियर रोड के ही सौरभ माहेश्वरी पर 3 लाख और 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
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