बरेली: जिला महिला अस्पताल में प्रसव कराने आई महिला की आपबीती, IGRS पर शिकायत कर की सख्त कार्रवाई की मांग
कई बार बदसलूकी भी की, आरोपों की जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय समिति
बरेली, अमृत विचार। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए गई रेखा पर जो बीती, वह शायद ही कभी भूल पाएं। पति की जेब खाली कराने के लिए डॉक्टर शुरू से आखिर तक डराने में कोई कसर नहीं छोड़ी तो स्टाफ ने ताने देने में। जांचें शुरू होने से लेकर प्रसव होने के बाद तक जेब से हर बार पैसे निकलवाए गए, उसके बाद भी लगातार दुत्कारा। आखिर में जब प्रसव हुआ तो लगा जैसे मुझे भी दोबारा जिंदगी मिल गई। रेखा ने यह आपबीती बयान करते हुए आईजीआरएस पर शिकायत की है, जिसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
जिला महिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली महिलाओं के तीमारदारों से पैसे ऐंठने का खेल पुराना है। यह अलग बात है कि ऐसी तमाम शिकायतों पर आज तक कोई ऐसी कार्रवाई नहीं हुई जिससे यह सिलसिला रुक पाता। महिला अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टर की वसूली के खेल का हाल ही में शिकार सुभाषनगर के अतुल कुमार और उनकी पत्नी रेखा भी हुई हैं। आईजीआरएस पर की शिकायत रेखा की ओर से की गई है। इसमें उन्होंने कहा है कि 19 जनवरी को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद उनके पति ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उनका इलाज करने वाली डॉक्टर ने उनकी हालत गंभीर बताते हुए पहले अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध न होने के कारण उन्हें प्राइवेट सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा।
रेखा के मुताबिक डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड देखा तो बताया कि गर्भ में बच्चे की हालत भी गंभीर है। उसकी जान भी जा सकती है इसके बाद यह कहते हुए कि कुछ भी हो सकता है, फाइल पर बार-बार उनके पति के हस्ताक्षर लिए गए। स्टाफ बात-बात में यह कहकर डराता रहा कि उनकी और गर्भस्थ शिशु की हालत काफी गंभीर है। इस बीच कई बार पैसों की भी मांग की गई। उनके पति और महिला अस्पताल के स्टाफ के बीच इस बात पर कई बार नोकझोंक भी हुई। डॉक्टर ने ऑपरेशन कर प्रसव कराने को कहा तो उनके पति इसके लिए भी तैयार हो गए। उन्हें ऑपरेशन थिएटर ले जाने के बाद फिर पति से पैसों की मांग की गई, जिस पर उन्होंने एक हजार रुपये दे दिए।
रेखा का आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद भी उनके पति से दो हजार रुपये लिए गए। डॉक्टर और स्टाफ जिस तरह उन्हें और उनके पति को डरा रहा था, प्रसव के दौरान वैसा कुछ नहीं हुआ। पति ने इसकी शिकायत की तो स्टाफ ने उन्हें बदसलूकी करते हुए दुत्कार दिया।
पैसे हैं नहीं, आ जाते हैं इलाज कराने
रेखा का आरोप है कि महिला अस्पताल में भर्ती होने से लेकर बच्चे का जन्म होने तक उनके और उनके पति के साथ स्टाफ ने जमकर बदसलूकी की। बार-बार पैसे देने के बावजूद जब उनसे और पैसे मांगे गए तो उनके पति ने इन्कार कर दिया। इस पर स्टाफ ने ताना दिया कि जेब में पैसे नहीं तो महिला अस्पताल में इलाज कराने क्यों चले आए। इस पर उनके पति की स्टाफ से नोकझोंक भी हुई। रेखा ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रसूता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत की जांच कराने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी- डॉ. पुष्पलात शमी, प्रभारी सीएमएस जिला महिला अस्पताल।
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