अयोध्या: पेंशन की राह आसान हुई तो आवेदन को लेकर मचा ऊहापोह, इस माह तक कर सकते हैं Apply
अयोध्या, अमृत विचार। देश की सर्वोच्च अदालत की ओर से फैसला दिए जाने के बाद कर्मचारियों को अधिक पेंशन पाने की राह तो आसान हुई, लेकिन आवेदन को लेकर कर्मचारी ऊहापोह में हैं। यह ऊहापोह कर्मचारियों में ही नहीं बल्कि विभाग में भी है। ईपीएफओ पोर्टल के जारी लिंक में आ रही समस्या के चलते रोडवेज महकमे में तमाम कर्मियों का आवेदन रजिस्टर्ड डाक से ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज रवाना किया है।
ऐसा इसलिए किया गया कि कहीं आवेदन में विलंब के चलते चूक न हो जाए और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिले इस मौके से कर्मी बाहर न हो जाएं। हालांकि तकनीकि खामियों के मद्देनजर अब ईपीएफओ ने आवेदन की अंतिम तिथि तीन मई तक विस्तारित कर दी है।
गत वर्ष चार नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से जारी कर्मचारी पेंशन संसोधन योजना 2014 को जायज ठहराते हुए पूर्व की योजना ईपीएस 95 के तहत आवेदन से चूके अभ्यर्थियों को एक और मौका देने का आदेश दिया था। साथ ही संशोधित योजना में पेंशन योगदान के लिए वेतन सीमा 6500 से बढ़ाकर प्रतिमाह 15000 रुपये कर दिया था और नियोक्ता की मंजूरी के बाद कर्मचारियों को वास्तविक वेतन के 8.33 फीसदी योगदान का विकल्प भी दिया था।
आदेश के मुताबिक चार माह के भीतर इस सुविधा की मियाद तय की गई थी, जो आज समाप्त हो रही है। इसको लेकर कर्मचारियों में जल्द से जल्द आवेदन की होड़ मची। वहीं ईपीएफओ पोर्टल का लिंक सही से काम नहीं किया। विभाग और कर्मियों का कहना है कि पहले जो लिंक जारी किया गया, वह संसोधित पेंशन योजना के बाद के आवेदन के लिए थी।
फिर बाद में इसके पूर्व के आवेदन के लिए दूसरी लिंक जारी की गई, लेकिन दोनों लिंकों पर आवेदन पूरा नहीं हो पा रहा था। बार-बार सर्वर में एरर की शिकायत आ रही है। वहीं परिवहन मुख्यालय ने तीन मार्च तक ही आवेदन फार्म उपलब्ध कराने का फरमान दिया था।
भेजा जा चुका है 115 कर्मियों का आवेदन
रोडवेज के एआरएम वित्त सुमीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तमाम कर्मी मुद्रित फार्म लेकर आए थे। जिनको पूरित करवा विभाग के सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर के साथ ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज भेजवाया गया है। अयोध्या डिपो से 115 कर्मियों का आवेदन अभी तक ईपीएफओ को भेजा जा चुका है।
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