कानपुरवासियों के लिए राहत भरी खबर, पुलिस मुख्यालय के पास 35 करोड़ से बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग
कानपुर में पुलिस मुख्यालय के पास 35 करोड़ से मल्टीलेवल पार्किंग बनेगी।
कानपुर में पुलिस मुख्यालय के पास 35 करोड़ से मल्टीलेवल पार्किंग बनेगी। कचहरी के जाम का झाम खत्म होगा। जिससे बड़ी राहत मिलेगी।
कानपुर, [गौरव श्रीवास्तव]। कचहरी मार्ग पर लगने वाले रोजाना के जाम से छुटकारा मिल सकेगा। जल्द ही निर्माणाधीन पुलिस मुख्यालय के पीछे मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है, जिसे बनने में तकरीबन ढाई वर्ष का समय लग सकता है। कचहरी मार्ग और वीआईपी रोड पर खड़े होने वाले दो पहिया व चार पहिया वाहन इसी मल्टीलेवल पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। जिससे रोजाना लगने वाले जाम की गंभीर समस्या से राहत मिल जाएगी और यातायात सुगम हो जाएगा।
पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बताया कि कचहरी व वीआईपी रोड पर पार्किंग की व्यवस्था न होने से मार्गों पर जाम की समस्या बनी रहती है। इसे दूर करने के लिए तकरीबन 35 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन पुलिस मुख्यालय के पीछे मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण की तैयारी हैं। इसको लेकर पैसा भी पास हो चुका है। कचहरी और वीआईपी रोड पर खड़े होने वाले सैकड़ों दो पहिया व चार पहिया वाहन मल्टीलेवल पार्किंग में खड़े किए जाएंगे।
कचहरी मार्ग पर बेतरतीब वाहनों के कारण रोजाना भीषण जाम लगता है। जिसमें सैकड़ों लोग घंटों रेंग-रेंग कर गुजरते हैं। जाम में फंसकर रोजाना लोगों को घोर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ लोग रोजाना लगने वाले इस जाम में फंसकर बचने के लिए दूसरे गलियों से होकर गुजरते हैं। पुलिस ऑफिस और कचहरी के बीच पड़ने वाली शहर की मुख्य सड़क सिकुड़कर रह गई है। फुटपाथ पूरी तरह से गायब हो चुके हैं। आड़े तिरछे खड़े वाहनों से पूरी सड़क पटी रहती है। जिससे यहां लगने वाला जाम आम हो गया है।
रागेंद्र स्वरूप ऑडिटोरियम से पुलिस आयुक्त कार्यालय होते हुए चेतना चौराहा से सरसैया घाट चौराहा और सरसैया घाट चौराहे से डीएवी कालेज चौराहे तक सड़क किनारे वाहन खड़े होते हैं। इसके अलावा शताब्दी गेट से सटे कचहरी वाले रोड पर और रजिस्ट्री कार्यालय के सामने पार्क के चारों ओर वाहन खड़े होते हैं। परिसर के चारों ओर वाहनों की पार्किंग सड़क किनारे है। रोज जाम में फंसकर लोग त्राहिमाम कह उठते हैं। पुलिस कार्यालय में अंदर करीब 250 बाइकें और 20 कारें खड़ी होने का स्थान है।
इसके अलावा कलेक्ट्रेट व कचहरी के अंदर विषम परिस्थितियों में 500 से 700 बाइकें और करीब 50 से 60 चार पहिया वाहन खड़े होते हैं। इसके अलावा जो भी वाहन यहां आते हैं, उनसे सुविधा शुल्क लेने के बाद सुविधा अनुसार सड़क किनारे खड़े करा दिए जाते हैं। रोजाना जाम में फंसकर स्कूली बच्चों से लेकर फील्ड वर्क वालों को एक बार जरूर दो चार होना पड़ता है। इन्हीं सब कारणों से जिला प्रशासन ने शहर वासियों को बड़ी राहत दी है। जल्द ही जाम से बचने के लिए पार्किंग का निर्माण शुरू होने जा रहा है। सीपी ने कहा कुछ समय बाद एक बड़ी राहत मिल सकेगी।
अधिकारियों का जाम में फंसना आम बात
कचहरी मार्ग और वीआईपी रोड पर जिले के कई अधिकारियों का दफ्तर है। आसपास कई अस्पताल और स्कूल कॉलेज हैं। यहां सुबह दस बजे से लगने वाला जाम शाम पांच बजे तक चलता ही रहता है। अधिकारियों की नीली लाल बत्ती लगी गाड़ियों का फंसना तो आम बात है। इसके साथ ही स्कूली बच्चे व एंबुलेंस में जा रहे मरीज फंसकर भगवान का याद करने लगते हैं
