मुरादाबाद: चूजे खरीदने के लिए पैसे न देने पर किशोर ने की आत्महत्या 

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Edited By Amrit Vichar
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कुंदरकी, अमृत विचार। क्षेत्र के गांव आजमनगर चोपड़ा में मुर्गी के चूजे खरीदने के लिए पैसे मांगने पर मां ने किशोर को डांटा तो उसने कमरे की छत के कुंडे के सहारे रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। देर शाम परिजनों ने बिना कानूनी कार्रवाई किए ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

आजमनगर चोपड़ा गांव निवासी ग्रामीण का बेटा 14 वर्षीय कार्तिक भीकनपुर स्थित बाल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में कक्षा चार का छात्र था। बताया गया है कि छात्र ने मुर्गी के दो चूजे खरीदने के लिए मां से 10 रूपये  मांगे थे। मां पर खुले पैसे नहीं थे, इसी के चलते मां-बेटे के बीच बहस हो गई।

मां ने गुस्से में उसे 500 का नोट निकालकर दे दिया और उसे डांट दिया। इसके बाद वह दूसरे कमरे में चला गया। कुछ देर बाद कमरे से जब खटपट की आवाज आई तो दूसरे कमरे में मौजूद उसकी मां और बहन दौड़ कर कमरे में पहुंची। वहां छात्र को फंदे पर लटका देखकर उनकी चीख निकल गई।

उन्होंने आनन-फानन उसको फंदे से नीचे उतारा। इसके बाद परिवार के लोग मेहमूदपुर माफी स्थित एक निजी अस्पताल में छात्र को लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना घटना के संबंध में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। बताया गया कि वह दो बहनों का इकलौता भाई था। 

जिस कुंडे में चूजों का पिंजरा टांगता था , उसी पर लटक गया
किशोर जिस कमरे में मुर्गी के चूजों का पिंजरा टांगता था। छत के जिस कुंडे से रस्सी के सहारे पिंजरा लटका रखा था। बताया गया है कि उसी रस्सी के फंदे से लटककर  जान दी है। जब उसे चूजों को दाना खिलाना होता तो पिंजरे को रस्सी के सहारे नीचे कर लेता और दाना खिलाकर फिर रस्सी खींच कर उनको छत में लटका देता था। ऐसा इसलिए करता था कि कहीं बिल्ली चूजों को नुकसान न पहुंचा दे।

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