माहवारी पर करें खुलकर चर्चा... इसे छिपाने की जरूरत नहीं, जागरूकता कार्यक्रम में बोलीं केजीएमयू की प्रो.पुष्पलता शंखवार

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। माहवारी यानी की पीरियड को लेकर आज भी जागरूकता फैलाने की अति आवश्यकता है। इसको लेकर आज भी कई तरह की गलत धारणायें हैं। यह कहना है केजीएमयू स्थित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रो.पुष्पलता शंखवार का। वह शनिवार को केजीएमयू के कलाम सेंटर में मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं और महिलाओं में माहवारी एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। जिसे छिपाने की जरूरत नहीं है और  न ही शर्म करने की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर खुल कर चर्चा होनी चाहिए और लोगों में जागरूकता लानी चाहिए।

प्रो.रेखा सचान ने बताया कि माहवारी से संबंधित आज भी बहुत सी गलत धारणायें समाज में मौजूद हैं। उन धारणाओं के बारे में भी उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महावारी के समय महिलाओं को मंदिर जाने,आचार न छूने की मनाही की बात सामने आती रहती है। वहीं बालिकाओं को स्कूल नहीं जाने की बात भी बताई जाती है। यह सब बहुत गलत है। माहवारी, महिलाओं के लिए बहुत ही जरूरी है और उतना ही जरूरी है माहवारी के समय स्वच्छता बरकरार रहे। जिससे माहवारी स्वच्छ एवं सुरक्षित हो। स्वच्छता के लिए शौचालय, साबुन और पानी समेत स्वच्छ सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध होना बहुत जरूरी है।

कार्यक्रम में केजीएमयू के डीन एकैडमिक्स प्रो.एके.त्रिपाठी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. आरएन श्रीवास्तव समेत कई चिकित्सक उपस्थित रहे।

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