अल्मोड़ाः गर्मी बढ़ी तो बढ़ जाएगा काली नदी का जलस्तर 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अल्मोड़ा, अमृत विचार। नेपाल-भारतीय सीमा पर बन रहे तटबंधों के निर्माण का कार्य मानसून काल से पहले शुरू होना है लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत यह कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, काली का जल स्तर भी बढ़ जाएगा। 

दरअसल, शीतकाल में काली नदी का प्रवाह ग्लेशियरों और हिमालयी जल स्रोतों के जमने के कारण कम हो जाता है लेकिन तापमान में वृद्धि के साथ ही बर्फ पिघलने और ग्लेशियरों के टूटने जैसी घटनाओं के कारण काली का प्रवाह बढ़ जाएगा। ऐसे में नदी का प्रवाह नेपाल की ओर किए बिना भारतीय क्षेत्र में तटबंधों का निर्माण करना बड़ी चुनौती बन जाएगा।
 
धारचूला नगर और आसपास के गांवों की सुरक्षा के लिए भारत काली नदी पर अपनी सीमा की ओर तटबंध बनाने का काम कर रहा है लेकिन नेपाल की ओर से इस कार्य में कथित तौर पर व्यवधान पैदा किया जा रहा है। 

बीते वर्ष कई बार भारतीय सीमा पर तटबंध का कार्य कर रहे मजदूरों पर दूसरी तरफ से पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिसमें जेसीबी व कई अन्य वाहनों को नुकसान तो पहुंचा ही, कई मजदूर घायल भी हो गए। इस तरह की घटना से बीच-बीच में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तनाव की स्थिति भी पैदा हो रही है। 

काली नदी पर नेपाल की ओर जमा मलबे को हटाने के लिए वहां के अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि अधिकांश क्षेत्र में हम नींव बना चुके हैं। हमारी कोशिश है कि मानसून काल से पहले तटबंध निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाए। पड़ोसी मुल्क की गतिविधियों पर हमारे उच्च अधिकारी नजर रखे हुए हैं- दीपक शर्मा, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, सिंचाई विभाग, धारचूला।

यह भी पढ़ें- हल्द्वानीः जंगली जानवरों के भय से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम की सुरक्षा में लगे कर्मी भयभीत 

 

संबंधित समाचार