बरेली : अशरफ की आवभगत करने वाले अफसर भी होंगे मुकदमे में नामजद

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Published By Himanshu Bhakuni
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बरेली, अमृत विचार। माफिया अतीक के भाई अशरफ से मुलाकात कराने के मामले में जेल अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम भी मुकदमे में बढ़ाए जा सकते हैं। एसआईटी ने डीआईजी जेल आरएन पांडेय से जांच रिपोर्ट मांगी है। अशरफ से अवैध रूप से मुलाकात कराने और उसकी आवभगत करने के मामले की डीआईजी जेल आरएन पांडेय जांच कर रहे हैं। उन्होंने जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला, जेल राजीव मिश्र, डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह के अलावा कुष्ण मुरारी गुप्ता और बंदी रक्षक शिवहरि अवस्थी, मनोज गौड़, ब्रजवीर सिंह, दानिश मेंहदी और दलपत सिंह को दोषी पाया है। किसकी कितनी लापरवाही थी, उसी आधार पर जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला और डिप्टी जेलर कृष्ण मुरारी गुप्ता के अलावा अन्य को निलंबित कर दिया गया था। इन लोगों से जवाब भी तलब किया गया था। इस प्रकरण में थाना बिथरी में रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। इसमें जेल के अज्ञात अधिकारियों व कर्मचारियों पर आरोप लगाया गया था। इस प्रकरण में एसआईटी ने डीआईजी जेल से रिपोर्ट मांगी है।

फरहद ने एसआईटी के सामने उगले राज
अशरफ के साले सद्दाम के सहयोगी प्रापर्टी डीलर फरहद को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। एसआईटी ने जांच में पाया कि फरहद के अलावा सद्दाम ने अन्य प्रापर्टी डीलर्स के साथ हिस्सेदारी की है। अब इनकी तलाश की जा रही है। एसआईटी ने जांच में पाया कि सद्दाम ने बरेली के कई लोगों के खातों से रकम का लेनदेन किया है। एसआईटी ने ऐसे खाताधारकों की भी जांच शुरू कर दी है। सद्दाम कई प्रापर्टी डीलरों के खातों से नकद रकम लेता था।

चिन्हित प्रापर्टी डीलर्स पर हो सकती है कार्रवाई
एसआईटी को कुछ ऐसी संपत्तियों का ब्योरा मिला है, जो लल्ला गद्दी, फरहद उर्फ गुड्डू, और एक बरातघर मालिक से खरीदी गई हैं। पूरी जानकारी मिलने के बाद इन संपत्तियों को जब्त किया जा सकता है। पुलिस अब इन प्रापर्टी डीलरों को पकड़ने के प्रयास में जुटी है।

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