चिलुआताल बनेगा ईको टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स का नया केंद्र, 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित पर्यटन परियोजना का CM ने किया लोकार्पण
चिलुआताल में लगेगा 20 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट, ताल-पोखरों पर कब्जे की संस्कृति खत्म
लखनऊ/गोरखपुर, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को चिलुआताल पर्यटन विकास परियोजना का लोकार्पण करते हुए कहा कि आगामी चरणों में चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर ईको टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण और उन्हें पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित परियोजना को जनता को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में ताल-पोखरों पर अवैध कब्जे होते थे और वे गंदगी व अपराध के केंद्र बन जाते थे। वर्तमान सरकार ऐसे जलाशयों को संरक्षित कर उन्हें जन उपयोग और पर्यटन विकास से जोड़ रही है।
1.png)
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिलुआताल का प्राकृतिक स्वरूप इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। इसका पानी पूरी तरह प्राकृतिक स्रोतों से आता है, जबकि रामगढ़ताल में ट्रीटमेंट के बाद पानी छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि चिलुआताल का शांत और स्वच्छ वातावरण इसे पर्यटन के लिए बेहद उपयुक्त बनाता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से चिलुआताल में फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे 20 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ नेट जीरो लक्ष्य हासिल करने में भी मददगार होगी।
1.png)
वाटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं
सीएम योगी ने कहा कि रामगढ़ताल की तरह चिलुआताल में भी वाटर स्पोर्ट्स के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। हाल ही में रामगढ़ताल में राष्ट्रीय जूनियर रोइंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ था। भविष्य में चिलुआताल को भी साहसिक और जल क्रीड़ा गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
स्वच्छता और पौधरोपण अभियान का आह्वान
मुख्यमंत्री ने 5 जून से 21 जून तक स्वच्छता अभियान, पौधरोपण और योग शिविर आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रामगढ़ताल और चिलुआताल के किनारे व्यापक पौधरोपण करने को कहा। साथ ही गोरखपुर को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ शहर बनाने का संकल्प लेने की अपील की।
1.png)
भजन संध्या स्थल का भी लिया जायजा
लोकार्पण से पूर्व मुख्यमंत्री ने चिलुआताल के समीप निर्माणाधीन भजन संध्या स्थल का निरीक्षण किया। लगभग 12.95 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घाट परिसर में हरिशंकरी का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
