शामली धर्मांतरण केस : आयुष मलिक का बड़ा बयान, कहा- अपनी मर्जी से अपनाया इस्लाम, अब नहीं करूंगा वापसी
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में चर्चित धर्मांतरण और निकाह प्रकरण में मेडिकल स्टोर संचालक के पुत्र आयुष मलिक ने कहा है कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था और उन पर दोबारा धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है।
शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में चर्चित धर्मांतरण और निकाह प्रकरण में मेडिकल स्टोर संचालक के पुत्र आयुष मलिक ने कहा है कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था और उन पर दोबारा धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है। आयुष मलिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कई वर्ष पहले स्वेच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया था और तब से उसी का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उन पर धर्म बदलने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वह अपने निर्णय पर कायम हैं और इस्लाम धर्म का पालन जारी रखेंगे।
दवा व्यापारी देवराज मलिक का बेटा है आयुष मलिक
उल्लेखनीय है कि शामली के दवा व्यापारी देवराज मलिक के पुत्र आयुष मलिक के धर्मांतरण और निकाह का मामला हाल के दिनों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बघरा आश्रम के पीठाधीश्वर यशवीर महाराज द्वारा वीडियो जारी किए जाने के बाद मामला सार्वजनिक हुआ था। इसके बाद देवराज मलिक ने शहर कोतवाली में मुस्लिम युवती चांदनी कुरैशी, उसके परिजनों सहित दस लोगों के विरुद्ध उनके पुत्र का जबरन धर्मांतरण और निकाह कराने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
फिजियोथेरेपी सेंटर में हुई थी चांदनी मुलाकात
आयुष मलिक ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व कंधे की चोट के इलाज के दौरान उनकी मुलाकात चांदनी से हुई थी, जो एक फिजियोथेरेपी सेंटर में कार्यरत थी। इसी दौरान दोनों के बीच परिचय बढ़ा और बाद में संबंध गहरे हो गए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई वर्ष पहले इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था तथा लगभग चार वर्ष पूर्व चांदनी के साथ इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार निकाह किया था।
उन्होंने कहा कि परिवार में बहनों के विवाह शेष होने के कारण उन्होंने लंबे समय तक धर्म परिवर्तन और निकाह की जानकारी परिजनों को नहीं दी। बाद में बहनों के विवाह संपन्न होने के पश्चात उन्होंने अपने निर्णय से परिवार को अवगत कराया। आयुष ने बताया कि उन्होंने अपना नाम बदलकर मोहम्मद अली रख लिया है और भविष्य में आवश्यक सरकारी अभिलेखों में भी इसी नाम को दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस बीच मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं।
