बरेली: बिना तलाशी करा दी 45.60 फीसदी बीईओ अभ्यर्थियों की परीक्षा
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच रविवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की परीक्षा हुई है। इसमें महज 45.60 फीसदी अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। जबकि 54.39 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इस परीक्षा में भी बीएड प्रवेश परीक्षा की तरह सोशल डिस्टेंसिंग …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच रविवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की परीक्षा हुई है। इसमें महज 45.60 फीसदी अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। जबकि 54.39 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इस परीक्षा में भी बीएड प्रवेश परीक्षा की तरह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ी नज़र आई।
जिले में परीक्षा के लिए जिले में 50 केंद्र बनाए गए थे। जिन पर कुल 23 हज़ार,183 अभियर्थियों को परीक्षा देनी थी। इसमें से 10 हजार, 572 उपस्थित रहे। जबकि 12 हजार, 611 अनुपस्थित रहे। सबसे ज्यादा छह सेंटर बरेली कॉलेज में बनाए गए। परीक्षा से एक घंटे पहले ही सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का प्रवेश शुरू कर दिया गया था। बरेली कॉलेज में बनाए गए छह केंद्रों पर करीब तीन हज़ार अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। बरेली कॉलेज में परीक्षा शुरू होने के चंद मिनटों पहले तक अभ्यर्थी अपना परीक्षा कक्ष ढूढ़ने के लिए भटकते नज़र आए। हांलाकि परीक्षा कक्षों में डिस्टेंसिंग के साथ बैठने की अनुमति थी।
एक थर्मल स्कैनर होने के चलते हुई दिक्कत
बीएड परीक्षा के बाद खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की परीक्षा में भी कई लापरवाहियां सामने आईं। सबसे ज्यादा सेंटर वाले कॉलेज, बरेली कॉलेज में लापरवाही की हद हो गई। हज़ारो अभ्यर्थियों की थर्मल स्कैनिंग के लिए महज़ एक ही स्कैनर का सहारा लिया गया। इसकी वजह से अभ्यर्थियों को लाइन में लगकर लम्बा इंतज़ार करना पड़ा। क्योंकि थर्मल स्कैनिंग के लिए लड़के और लड़कियों की अलग-अलग लाइनें लगाई गईं थीं। पहले एक लाइन की स्कैनिंग करते तब तक दूसरी लाइन इंतजार में खड़ी रहती। जब दूसरी की तो पहली लाइन इंतजार में।
