Kanpur News : करौली बाबा पर लटक रही गिरफ्तारी की तलवार, माइक पर बोलता ओम शिव बैलेंस, फिर होता ये

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Edited By Amrit Vichar
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नोएडा के डॉक्टर से मारपीट के मामले में करौली बाबा पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी।

नोएडा से डॉक्टर दंपति से मारपीट के मामले में करौली बाबा पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी। टिकैत बाबा का चेला संतोष को राकेश टिकैत ने फटकने नहीं दिया। आपराधिक इतिहास के चलते पार्टियों में उसकी दाल नहीं गली। माइक पर ओम शिव बैलेंस कहकर फूंक मारकर इलाज करता था।

कानपुर, अमृत विचार। आपराधिक इतिहास वाले संतोष भदौरिया उर्फ करौली बाबा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। बचाव के लिए करौली बाबा ने वकीलों से विधिक राय लेनी शुरू कर दी है। मीडिया से कहा कि मारपीट की कोई घटना ही नहीं हुई। डॉक्टर सिद्धार्थ ही गालीगौच कर रहा था। करौली बाबा का दावा है कि सबूत के तौर पर उनके पास वीडियो भी है, जो जरूरत पडने पर प्रस्तुत करेंगे। बाबा के एक करीबी ने बताया कि आश्रम की ओर से क्रास एफआईआर भी करायी जा सकती है। बाबा के नजदीकी सूत्र ने बताया कि बाबाजी विधिक राय भी ले रहे हैं।
 
1995 के बाद वह राजनीतिक संरक्षण पाने के लिए भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत की शरण में चला गया। बताते हैं कि दबंग स्वभाव के कारण टिकैत ने उसे क्षेत्रीय संयोजक बना दिया था। तब राकेश टिकैत उभरते हुए किसान नेता हुआ करते थे। पर न जाने क्यों उन्होंने संतोष भदौरिया को करीब फटकने नहीं दिया। वर्ष 2010 में इसने भाकियू से नाता तोड़ लिया। इससे पहले शिवसेना में भी रहा था। 
 
संतोष भदौरिया करौली बाबा का कहना है कि वह किसी डॉक्टर को नहीं जानता। एफआईआर कराने वाले डॉ. सिद्धार्थ के सभी आरोपों को करौली बाबा ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह इस नाम के  किसी डॉक्टर को नहीं जानते। आश्रम में हुई मारपीट की घटना को भी वह इंकार करता है। उल्टे उसका कहना है कि कि सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए उसके ऊपर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जिनका कोई आधार ही नहीं है। बाबा के खिलाफ डॉक्टर ने थाना बिधनू में एफआईआर करायी है। घाटमपुर एसीपी का कहना है कि जांच की जा रही है। कार्रवाई की जाएगी।
 
कानपुर निवासी करौली बाबा ने राजनीति में दाल गलती न देखकर केरल से एक थेरेपी सीखकर सिविल लाइंस में एक फ्लैट में क्लीनिक खोला था। लोगों को लेप लगाकर सर्वाइकल, स्पाइन समेत अन्य का इलाज करता था। सनिगवां के पास इसके आश्रम बनाया। बाबा का लवकुश आश्रम उसके बेटों के नाम पर है। अंधविश्वास फैलाने वाले इस बाबा के यहां एक अनुमान के मुताबिक चार-पांच हजार लोग रोज आते हैं।
 
अमावस्या वाले दिन तो यह संख्या बढ़ जाती है। उसकी सुरक्षा में बंदूकधारी तैनात रहते हैं। विदेश में भी इसने चेले बनाए जहां से धन आने की खबरें हैं। वित्त व्यवस्था बाबा के दोनों बेटे करते हैं। इलाज की एवज में बाबा मोटी रकम लेते हैं। हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव के इलाज के दौरान राजू पर चुभती हुई टिप्पणी करने को लेकर उसके खिलाफ राजू के पीए ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत भी की थी। 
 
पीड़ित डॉक्टर सिद्धार्थ ने तहरीर में जिक्र किया है कि सोशल मीडिया में प्रचार के बाद वह बाबा के आश्रम 22 फरवरी 023 पहुंचा। 26 सौ रुपया फीस भरी। चमत्कार दिखाने का वादा करके माइक पर बाबा ने मंत्र बोला, ओम शिव बैलेंस। पर सिद्धार्थ के मुताबिक यह बेअसर रहा। बारा फिर मंत्र बोला पर बेअसर रहा। यह बात कहने पर अपशब्द बोले तभी उनके गुर्गों ने पिटायी शुरू कर दी। पिता को भी पीटकर आश्रम से बाहर कर दिया।

 

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