रायबरेली : बेटे को जेल भेजने के सदमें में पिता की मौत , ग्रामीणों ने एसपी ऑफिस पर शव रखकर किया प्रदर्शन
रायबरेली, अमृत विचार। शस्त्र अधिनियम और गांजा बेचने के आरोप में बेटे को जेल भेजने के सदमे में उसके पिता की मौत हो गई है। पिता की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया है। मामले में अधिकारियों ने जांच का आश्वासन दिया है।
घटना थाना क्षेत्र के कुचरिया गांव की है। गांव के रहने वाले अमरेश कुमार का पुलिस ने बीती 21 मार्च को शस्त्र अधिनियम और गांजा बेचने के आरोप में चालान किया था । उसके दो दिन बाद उसके पिता रामदेव की मौत हो गई है। आरोप है कि पुलिस ने रामदेव के बेटे को फर्जी मामले में जेल भेजा है। जिसके सदमे में उसकी मौत हुई है।
रामदेव की मौत के बाद शुक्रवार की सुबह एसपी कार्यालय पहुंचे दर्जनों की संख्या संख्या में ग्रामीणों ने एसपी ऑफिस के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी की है । मृतक की पत्नी सोनी ने भदोखर कोतवाल समेत चार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तहरीर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक नवीन कुमार सिंह का कहना है कि मामले में जांच करवाकर दोषी के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों के आश्वासन का आदेश के बाद ग्रामीण लेकर वापस चले गए ।
रात भर गिड़गिड़ाता रहा पिता , नहीं पसीजा पुलिस का दिल
मृतक रामदेव की पत्नी सोनी का कहना है कि पुलिस जब उसके बेटे को पकड़ कर ले गई थी तो उसके बाद उसका पति कोतवाली गया था । जहां पर उसने अपने बेटे की रिहाई के लिए थानेदार और अन्य पुलिसकर्मियों से मिन्नतें की। लेकिन उसे भी गाली देकर कोतवाली से भगा दिया गया । इसके बावजूद वह कोतवाली गेट पर रातभर बैठा अपने बेटे की रिहाई की गुहार लगाता रहा और पुलिसकर्मियों से गिड़गिड़ाता रहा । लेकिन पुलिसकर्मियों का दिल नहीं पसीजा । अंत में उसके निर्दोष बेटे को पुलिस ने जेल भेज दिया। जिसका इतना गहरा सदमा उसके पति को लगा कि उसने उसी समय से खाना पीना छोड़ दिया और अंत में उसकी मौत हो गई है।
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