बरेली : सरकार ने कहा- आफत की बारिश में केवल 19 हजार किसानों की फसल हुई बर्बाद, किसान एकता संघ ने जाहिर की आपत्ति
बरेली, अमृत विचार। शहर में आफत की बारिश से किसानों की फसल बर्बाद हो गई। जिसमें सरकारी आंकड़े के हिसाब से पूरे उत्तर प्रदेश में करीब 19 हजार किसानों की फसल खराब होने का आंकड़ा लगाया गया है। जिस पर किसान एकता संघ ने आपत्ति जाहिर की है। इसके साथ ही किसानों के लिए टोल मांग करने की मांग आदि को लेकर डीएम से शिकायत की है।
किसान एकता संघ के पदाधिकारियों ने बताया समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली है कि सरकार ने बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान का मुआवजा पूरे उत्तर प्रदेश में मात्र 19000 किसानों को देने का निर्णय लिया है। जो अनुचित और किसानों के जले पर नमक छिड़कने जैसा है। किसान एकता संघ मांग करता है कि नुकसान के आधार पर सभी किसानों को नुकसान का मुवावजा मिलना चाहिए। बरेली की मीरगंज और फरीदपुर चीनी मिल को छोड़कर बाकी चीनी मिलों ने लाखों लाखों करोड़ों रुपए गन्ना किसानों का भुगतान नहीं किया है।
जब से भुगतान नहीं किया है तब से किसानों को ब्याज दिया जाना चाहिए। भोजीपुरा टोल प्लाजा एवं फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा के द्वारा स्थानीय किसानों का शोषण किया जा रहा है। किसान एकता संघ का प्रतिनिधिमंडल आपके समक्ष स्थानीय प्रशासन से मांग करता है कि टोल के आसपास 3 किलोमीटर में रहने वाले किसानों का टोल टैक्स फ्री किया जाना चाहिए। क्योंकि किसान अपनी खेती करने के लिए एवं अपने पास के गांवों में रिश्तेदारों एवं सगे संबंधियों में जाने के लिए टोल को पार करना होता है और टोल के कर्मचारी आए दिन किसानों से अभद्रता करते हैं।
जिससे स्थानीय गांवों के किसानों मैं रोष उत्पन्न हो रहा है। स्थानीय गांव सदियों सदियों से वही बसे हुए हैं टोल को किसानों की जमीन पर बाद मैं बनाया गया है स्थानीय किसानों से भी टोल टैक्स उसूलना किसानों के अधिकारों का हनन है। अतः किसान हित में उक्त मांगों को माना जाना चाहिए। अन्यथा किसान एकता संघ 5 अप्रैल को टोल प्लाजा भोजीपुरा पर पंचायत कर आगे की रणनीति बनाएगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की इस मौके पर शमशुल खान,शोएब इजहार खान,अजीब अहमद आदि मौजूद रहे।
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