बरेली: सेटेलाइट पर डग्गामार वाहनों की बल्ले-बल्ले, रोडवेज को लगा रहे चूना, अवैध टैक्सी स्टैंडों की भरमार
बरेली, अमृत विचार। बरेली में पिछले लंबे समय से डग्गामार वाहन चांदी काट रहे हैं, वहीं अवैध रूप से चल रहे इन निजी वाहनों की वजह से यूपी परिवहन विभाग लगातार घाटे में चल रहा है। इसे विभागीय अधिकारियों की उदासीनता कहिए या फिर मिलीभगत जिसकी वजह से बरेली रोडवेज की खाली बसें रोड पर फर्राटा भर रही हैं। जिससे लाखों रुपये के सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है।

वहीं निजी वाहन चालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह सेटेलाइट पर रोडवेज बसों के पहुंचते ही, रोड पर ही सवारियों को बस से उतार कर अपने वाहनों में बैठा लेते हैं। जिससे वह दूसरी रोडवेज बस की बजाय निजी वाहनों से जाने को मजबूर हो जाते हैं। इतना ही नहीं डग्गामार वाहन चालक सवारियों से तय किराए से ज्यादा रुपये भी वसूलते हैं, और वाहनों में मानक से ज्यादा सवारियों को बैठाते हैं। ऐसे में ज्यादातर वाहनों के परमिट तक नहीं बने होते हैं, लेकिन फिर वह विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत से रोड पर वाहनों से फर्राटा भर रहे हैं।

बताते चलें कि यहां अस्थाई अवैध स्टैंड पर डग्गामार वाहनों के रुकने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। जिससे यहां पहुंचने वाली सवारियों समेत राहगीरों की खासी मशक्कत का सामना करने पड़ रहा है। बताते चलें पास ही में सेटेलाइट पुलिस चौकी है और ट्रैफिक कर्मी भी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। बावजूद इसके प्राइवेट वाहन चालक बीच रोड पर वाहन रोककर जबरन सवारियों को बैठाते हैं। जिससे कई बार झगड़े तक की नौबत आ जाती है।
वहीं अगर रोडवेज बस स्टेशन पर आकर निजी वाहन सवारियों को बैठाकर ले जाएंगे, तो सरकारी बसें खाली रहने से विभाग घाटे में ही रहेगा। सरकारी राजस्व में वृद्धि करने के लिए जिम्मेदारों को रोड पर उतरना ही होगा। जिन्हें बस स्टेशन से तय दूरी का उल्लंघन कर सवारी भरने वाले निजी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। जिससे बस स्टेशन पर पहुंचने वाली सवारियों निजी वाहनों के बजाय रोडवेज की सफर करें। ताकि सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी के साथ उचित सीट पर बैठकर यात्रियों को सफर करने को मिल सके।
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