रामपुर: मकान छिनने के डर से पिता और बेटी-बेटा ने खाया जहर, हालत गंभीर होने पर रेफर

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सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शादी की मढ़ैया गांव में तालाब की जमीन पर बने हैं छह गरीब परिवारों के घर, मुकदमा विचाराधीन

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रामपुर, अमृत विचार। सरकारी तालाब पर बने मकान छीनने के डर से पिता ने थेलेसीमिया से ग्रसित बेटे और उसकी आठ साल की बेटी ने सदमे में आकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ती देख परिजन मौके पर आ गए। उसके बाद तहसील के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। जहां तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया,लेकिन हालत गंभीर होने पर सलीम और उसकी बेटी इरम को बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद रेफर कर दिया।

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव शादी की मढैया के रहने वाले कुछ लोगों गरीब परिवारों पर सरकारी तालाब की जमीन बना लेने का आरोप है। कुछ लोगों ने अधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी थी। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर टीम ने जाकर मौका मुआयना किया था। उसके बाद मामले की जांच शुरू हो गई थी।

इन छह मकान स्वामियों को प्रशासन ने नोटिस भी दिए थे। उसके बाद से विभाग की ओर से वहां से हटाने की कार्रवाई लंबित चल रही है। बताते हैं तहसील के अधिकारी गांव में आए थे, ऐसी चर्चा हुई कि मकानों से लोगों को बेदखल किया जाएगा। इन छह परिवारों में से एक सलीम है, जोकि साइिकलों में पंचर जोड़ने का काम करता है।

मकान छिनने से डरकर उसने अपनी बेटी इरम, थेलेसीमिया पीड़ित बेटे आरिश के साथ विषैला पदार्थ खा लिया। परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए। बाद में जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार भी पहुंच गए। जहां दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन सलीम और उसकी बेटी की हालत गंभीर होने पर बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद रेफर कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

तीन दिन पहले अधिकारियों ने किया था निरीक्षण
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी मकान खाली करने को कह रहे थे। कुछ रोज पहले भी यहां पर अधिकारी आए थे। मकान खाली करने को कहकर चले गए थे। गांव के लोगों का कहना है कि अधिकारी दो साल से यहां पर आते रहे हैं, इन लोगों से मकान खाली करने को कहते हैं। तीन दिन पहले भी अधिकारी आए थे जहां इन्होंने मकान खाली करने को कहा था। मकान छिनने की आशंका से परिवार परेशान था।

सलीम का बेटा थेलेसीमिया का बीमारी से ग्रस्त
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सलीम का एक बेटा थेलेसीमिया से ग्रस्त है। जिसका इलाज भी डीएम की तरफ से दी गई सरकारी सहायता से चल रहा है। सलीम की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि बच्चे की बीमारी के चलते परेशान होकर विषैला पदार्थ खा लिया था। बेटे आरिस का स्वास्थ्य ठीक है। जबकि बेटी और पिता का उपचार मुरादाबाद में चल रहा है।

तहसीलदार कोर्ट में चल रहा वाद
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव शादी की मढैया में आराजी 286 रकबा 0.1640 है जोकि तालाब की भूमि है। उस पर सलीम समेत छह लोगों ने मकान बना लिए थे। पूर्व में शिकायत पर लेखपाल द्वारा छह फरवरी 2021 को जांच की गई थी। जिसमें इन सभी छहों के खिलाफ धारा 67 में बेदखली का मुकदमा दर्ज किया गया था, जोकि विचाराधीन है। अधिकारियों का कहना है कि पुनर्वासन के बिना किसी गरीब का आवास विहीन परिवार को बेदखली नहीं की जाती है। जिसको लेकर तीन अप्रैल को टीम वहां पर गई थी।

शादी की मढ़ैया में पिता और बेटा-बेटी ने जहर खा लिया था। इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद रेफर कर दिया है---शरद पवार, सिविल लाइन प्रभारी।

बहुत से लोगों ने तालाब पर मकान बना रखे हैं। जिसको लेकर कार्रवाई चल रही है। शुक्रवार को आर्थिक तंगी के चलते सलीम उसकी बेटी और बेटे ने जहर खा लिया था। पिता और बेटी का मुरादाबाद में इलाज चल रहा है---दिनेश कुमार, तहसीलदार सदर।

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