Kanpur News : अग्निशमन के लिए 'अग्निपरीक्षा' बने अग्निकांड, संसाधनों के अभाव में जूझ रहा दमकल विभाग, ये है वजह
कानपुर में संसाधनों के अभाव में दमकल विभाग जूझ रहा।
कानपुर में संसाधनों के अभाव में दमकल विभाग जूझ रहा। वहीं, गर्मी बढ़ते ही आग की घटनाएं बढ़ने लगी।
कानपुर, [गौरव श्रीवास्तव]। संसाधनों के अभाव से जूझ रहे दमकल विभाग के लिए गर्मी का मौसम अग्निपरीक्षा बनकर सामने खड़ा हो गया है। तापमान बढ़ने के साथ ही रोज कमिश्नरेट के अलग-अलग थानाक्षेत्रों में अग्निकांड हो रहे हैं। ऐसे में दमकल कर्मियों को इन पर काबू पाने में न सिर्फ पसीना बहाना पड़ रहा है, बल्कि दम भी फूल रहा है। सबसे बड़ी समस्या आग बुझाने के लिए पानी की त्वरित उपलब्धता की आ रही है। इसकी वजह यह है कि शहर में हाईड्रेंट प्वाइंट या तो खराब पड़े हैं, या फिर सड़क निर्माण की जद में आ चुके हैं।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही शासन ने आग से निपटने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। शहर के हाइड्रेंट प्वाइंटों को दुरुस्त कराकर उन्हें चालू कराने, पानी की टंकियों व स्वच्छ जलाशयों में वाल्व लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर दमकल कर्मी पानी उपयोग में ला सकें। लेकिन शासन के आदेश को पालन होना जिले में काफी कठिन दिख रहा है।
दमकल विभाग के अनुसार महानगर के अंदर आग से निपटने के लिए कई हाईड्रेंट प्वाइंट बनाए गए थे, ये सभी विलुप्त हो गए हैं या खराब हो चुके हैं। दमकल विभाग में कर्मचारियों का भी अभाव है। इन हालात में जिले में तैनात अधिकारी चिंतित हैं, उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे गर्मी के मौसम में लगने वाली आग की घटनाओं से निपटा जाए। दरअसल, अग्निशमन विभाग के पास उपकरण नहीं के बराबर हैं। ऐसे में लाखों की आबादी अब ईश्वर के भरोसे है।
सीएफओ पर व्यवस्था से बातचीत
शहर में कितने हाइड्रेंट पॉइंट हैं?
पहले शहर में कई हाइड्रेंट पॉइंट थे। लेकिन सड़क निर्माण के दौरान ज्यादातर नीचे दब गए हैं। जो कुछ बचे हैं, वह सब खराब पड़े हैं।
कुल कितने फायर टेंडर हैं?
शहर में कुल 22 फायर टेंडर हैं। लेकिन आबादी के हिसाब से इन्हें बढ़ना चाहिए। विभाग को इसके लिए लिखित पत्र दिया गया है। लाखों की आबादी को देखते और बांसमंडी के भयावह अग्निकांड के बाद और फायर टेंडर मिलने की उम्मीद है।
कुल कितने दमकल कर्मी हैं ?
हमारे पास 262 दमकल कर्मचारी हैं। इसी के साथ नौ अधिकारी हैं। कर्मचारियों का काफी अभाव है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सिर्फ दो हैं।
पानी प्राप्त करने के बिंदु बताएं ?
वैसे तो मीरपुर स्टेशन में 200 टैंकर पानी भरने की व्यवस्था है। लेकिन आपातकालीन स्थिति में जेड स्क्वायर, साउथ एक्स मॉल, आरएसपीएल, गंगाबैराज, मेट्रो समेत कई स्थानों से पानी लिया जाता है।
शहरवासियों से क्या अपेक्षा है?
शहर के लोगों से यही अपील है कि इलेक्ट्रिकल ऑडिट जरूर कराएं। किसी भी हाल में घर से निकलने से पहले गैस सिलेंडर को रेगुलेटर से बंद कर दें। बाहर जाने पर घर के सभी उपकरण बंद कर दें। गर्मी में ज्यादा हीट होने के कारण शार्ट सर्किट हो जाता है। इसलिए लोग घर में आग से सुरक्षा के उपकरण जरूर रखें।
गालियों में आग बुझाने के क्या बंदोबस्त हैं?
तंग गलियों में बसे बाजारों में दुकानदार सुरक्षा उपकरण जरूर रखें। अग्निशमन की टीम ने जांच शुरू कर दी है। तंग गलियों में आग लगने पर पांच बोलेरो हाईप्रेशर गाड़ियां हैं। ऐसे में अगर आग विकराल रूप लेती है, तो हौज पाइप की मदद लेनी पड़ेगी।
आग लगने का प्रमुख कारण क्या है?
अचानक तापमान में वृद्धि हुई है। ऐसे में गर्मी के मौसम में लोड अचानक बढ़ जाता है। हर दूसरे घर में एसी, कूलर व पंखे चलना आम बात है। शहर में तो लोड के कारण तार हीट होने लगते हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में की गई लापरवाही हादसे का कारण बनती है। किसान बीडी, सिगरेट पीने के बाद उसे खेतों के असपास फेंक देते हैं। कुछ ही देर में वह अग्निकांड का रूप ले लेती है।
हाईड्रोलिक खराब, ऊंचाई पर कैसे पहुंचेंगे ?
इटली से सात करोड़ रुपये की हाइड्रोलिक प्लेटफार्म गाड़ी मंगाकर 16 जनवरी वर्ष 2015 को विभाग को सौंपी गई थी। यह हाईड्रोलिक खराब पड़ी है। सीढ़ियों में आई तकनीकी दिक्कत आज तक ठीक नहीं कराई जा सकी है। इसके मरम्मत के लिए मुख्यालय में पत्राचार किया गया लेकिन अभी कोई सुनवाई नहीं हुई है। ऊंची इमारतों में आग बुझाने के लिए दूसरे शहर से हाईड्रोलिक को मंगाया जाएगा।
क्या शहर को नई गाड़ियां मिल रही हैं?
लाखों की आबादी को देखते हुए सरकार से यूपी फायर सर्विस ने महानगर के लिए दो नई हाईड्रोलिक प्लेटफार्म और सुरक्षा उपकरण मांगे हैं। बांसमंडी के थोक कपडा बाजार में भयावह अग्निकांड के बाद जिन-जिन उपकरणों की जरूरत है, उसे लेकर यूपी फायर सर्विस की ओर से शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है, इस वित्तीय वर्ष में मांग पूरी हो जाएगी।
दमकल वाहन और संसाधन :
1-लाटूश रोड फायर स्टेशन
एमएफई-25 सौ लीटर क्षमता की दो गाड़ियां
हाईप्रेशर-4 सौ लीटर क्षमता की एक गाड़ी
पंप- 2 रेस्क्यू वैन-1
2-कर्नलगंज फायर स्टेशन
एमएफई-25 सौ लीटर क्षमता की दो गाड़ियां
वाटर बाउजर-8 हजार लीटर क्षमता का एक फायर टेंडर
हाईप्रेशर-4 सौ लीटर क्षमता की एक गाड़ी
जेटीवी-2, पंप-2, रेस्क्यू वैन-1
3-जाजमऊ फायर स्टेशन
एमएफई- 45 सौ लीटर क्षमता की दो गाडियां
फोम टेंडर-45 सौ लीटर क्षमता की एक गाड़ी
हाईप्रेशर-4 सौ लीटर क्षमता की एक गाड़ी
पंप-1, रेस्क्यू वैन 1
4-फजलगंज फायर स्टेशन
एमएफई- 2 हजार लीटर की एक गाड़ी,
-45 सौ लीटर की एक गाड़ी
फोम टेंडर-2
वाटर बाउजर- 8 हजार व 12 हजार-लीटर की क्षमता वाले पंप
हाईड्रोलिक प्लेटफार्म-42 मीटर ऊंचाई वाली एक गाड़ी
एंबुलेंस-2, बोलेरो-2, ट्राली-1
5-मीरपुर फायर स्टेशन
एमएफई-45 सौ लीटर की क्षमता की दो गाड़ियां
वाटर बाउजर-8 हजार लीटर क्षमता की एक गाड़ी
हाईप्रेशर-4 सौ लीटर क्षमता की एक गाड़ी
पंप-2, एंबुलेंस-2
