शाहजहांपुर: कहीं खुले में फेंकी जा रही पीपीई किट तो कहीं समय से नहीं पहुंची एम्बुलेंस
जलालाबाद, अमृत विचार। लापरवाही की मॉनिटरिंग अगर पूरे देश में की जाए तो शायद शाहजहांपुर का स्वास्थ्य विभाग देश में सबसे पहले नंबर पर रहेगा इसके लिए कोरोनाकाल में स्वास्थ्य विभाग ने कई नजीरें पेश कर अपनी दावेदारी पेश की है लॉकडाउन पीरियड में पूरे जिले में आंकड़ा 100 को भी नही छू पाया था। …
जलालाबाद, अमृत विचार। लापरवाही की मॉनिटरिंग अगर पूरे देश में की जाए तो शायद शाहजहांपुर का स्वास्थ्य विभाग देश में सबसे पहले नंबर पर रहेगा इसके लिए कोरोनाकाल में स्वास्थ्य विभाग ने कई नजीरें पेश कर अपनी दावेदारी पेश की है लॉकडाउन पीरियड में पूरे जिले में आंकड़ा 100 को भी नही छू पाया था।
वहीं अनलॉक के बाद अब तक लगभग 2000 संक्रमित केस निकल चुके है जो कि सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की लापरवाहियों का नतीजा है कि कभी प्रयोग किये गए पीपीई किट, मास्क और हैट खुले में फेंक संक्रमण फैलने को दावत दी गई तो कभी पॉजिटिव आये व्यक्ति को खुले में छोड़ कोरोना को ओपन चैलेंज दिया गया। अधिकतम मामलों में एम्बुलेंस समय से न पहुंचना बड़ी समस्या रही।
बुधवार को भी स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई जिला अस्पताल में पेट से सम्बंधित समस्या के लिए भर्ती बच्चे की माता का टू नॉट कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगभग 20 घण्टे बाद दी गई जबकि रिपोर्ट टेस्ट के दो घण्टे बाद ही प्राप्त हो जाती है जलालाबाद के कुडरी चक चंद्रसेन निवासी 9 वर्षीय बच्चे के पेट मे दर्द होने पर उसके माता पिता बच्चे के इलाज के लिए 17 अगस्त को स्वशाषी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय लेकर गए थे।
डॉक्टरों की सलाह पर सभी का कोरोना सैम्पल लेकर बच्चे को वहीं भर्ती कर लिया 19 अगस्त बुधवार को रिपोर्ट की जानकारी लेने पर दोबारा टेस्ट किया गया। जिसके बाद गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे डॉक्टर्स द्वारा संक्रमित महिला के पति के फोन पर संक्रमण की पुष्टि की गई।
तो युवक पत्नी को लेकर जिला अस्पताल स्थित कोरोना अस्पताल लेकर गया जहां स्टाफ द्वारा भर्ती करने से इंकार के बाद वह एम्बुलेंस का इंतेजार करने लगा देर शाम तक एम्बुलेंस के न आने पर खुद ई रिक्शा से नवोदय विद्यालय स्थित कोविड अस्पताल की तरफ लेकर चला तो रास्ते मे बैटरी दगा दे गई।
उधर अस्पताल में भर्ती बेटा भी माता पिता को अपने सामने न देख परेशान हो गया और रोने चीखने लगा तो वहां मौजूद अन्य लोगो ने फ़ोन कर वापस बुला लिया फोन पर बेटे की वेदना सुन दम्पति बेटे के पास वापस आ गए देर रात तक एम्बुलेंस का इंतेजार कर मीडियाकर्मियों को सूचना दे दी सूचना मिलते ही अमृत विचार की वेबसाइट पर खबर फ़्लैश कर दी गई खबर चलते ही एसडीएम जलालाबाद सौरभ भट्ट ने खबर का संज्ञान लेते हुए उच्चधिकारियों को सूचित किया आनन फानन में रात 12 बजे एम्बुलेंस से नवोदय विद्यालय में शिफ्ट कराया गया।
जिला अस्पताल में हुई टू नॉट टेस्ट टीम द्वारा कम्युनिकेशन गैप की वजह से अस्पताल शिफ्ट करने में देरी हो गई भविष्य में ऐसी गलती न हो इसका ध्यान रखने को ताकीद की गई है। – डॉ. लक्ष्मण, डिप्टी सीएमओ, शाहजहाँपुर
पहले दिन दोपहर तक भूखी रही संक्रमित
संक्रमित महिला डायबिटीज से भी पीड़ित है शुक्रवार की सुबह चीनीयुक्त चाय नाश्ता आया जिसे महिला ने खाने से इंकार कर दिया तो स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा उसे डायबिटिक नाश्ता नही दिया गया जिस कारण दोपहर का भोजन आने से पहले 2 बजे तक महिला को भूखा ही रहना पड़ा। डिप्टी सीएमओ डॉ. लक्ष्मण ने बताया कि महिला द्वारा डायबिटीज की जानकारी नही दी गई होगी अब से महिला को डायबिटिक डाइट ही दी जाए इसका प्रबंध किया जा रहा है।
