बरेली: ‘कोरोना काल में घटा अपराध, 70 प्रतिशत तक कम हुईं वारदातें’
बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी ने एक तरफ सबको परेशान कर रखा है तो दूसरी तरफ वारदातों का आंकड़ा कम हो गया है। लाकडाउन के दौरान अपराध लगभग न के बराबर हुआ है। एक जनवरी से 15 अगस्त तक जघन्य अपराध की संख्या काफी कम हुई है। बरेली जोन में डकैती के मामलों में 70 …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना महामारी ने एक तरफ सबको परेशान कर रखा है तो दूसरी तरफ वारदातों का आंकड़ा कम हो गया है। लाकडाउन के दौरान अपराध लगभग न के बराबर हुआ है। एक जनवरी से 15 अगस्त तक जघन्य अपराध की संख्या काफी कम हुई है। बरेली जोन में डकैती के मामलों में 70 प्रतिशत, लूट में 20 प्रतिशत समेत दुष्कर्म के अपराध में 48 प्रतिशत तक की कमी हुई है। हालांकि इस पूरे दौर में मुकदमे ज्यादा दर्ज किए गए हैं। एडीजी जोन अविनाश चंद्रा ने जोन में हुए अपराधों के आकंडों में यह बात बताई है।
उन्होंने रिपोर्ट ज्यादा होने को लेकर कहा है कि अब अधिक से अधिक मामलों को दर्ज किया जा रहा है। बरेली जोन में दो रेंज बरेली और मुरादाबाद आते हैं और इसमें बरेली समेत 9 जिले शामिल हैं। जोन की बात करें तो सबसे ज्यादा अपराध बरेली और मुरादाबाद जिले में ही होता है। क्योंकि यह हाईवे किनारे हैं अपराधी यहां घटना करके आसानी से फरार हो जाता हैं। लाकडाउन के दौरान भी इन्हीं जिलों में क्राइम का रिकार्ड ज्यादा रहा।
लाकडाउन के समय में भले ही डकैती का ग्राफ 70 प्रतिशत गिरा हो लकिन लूट के मामलों में सिर्फ 20 प्रतिशत का ही अंतर आया है। इसी तरह से हत्या और दहेज हत्या की घटनाओं में कोई खास कमी नहीं आई। हत्या के मामलों में सिर्फ 5 प्रतिशत और दहेज हत्या के मामलों में सिर्फ 4 प्रतिशत की कमी आई। जोन में दुष्कर्म, चोरी, बलवा और वाहन चोरी की घटनाए भी कम हई। लेकिन जैसे ही अनलॉक हुआ तो यह वारदातें फिर से शुरू हो गई हैं।
यही वजह है कि जोन में कुल चोरी की वारदातें 1499 और वाहन चोरी की 478 हो गई हैं। इसके अलावा रिपोर्ट की संख्या 15 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। जोन में पिछले वर्ष 21985 मुकदमे दर्ज हुए थे। वहीं, इस साल इनकी संख्या बढ़कर 25359 हो गई है।
