Chitrakoot Fire News : राख हो गईं एक करोड़ की सब्जियां-फल, बर्बाद हो गए दुकानदार, सीतापुर मंडी में आग का तांडव
चित्रकूट में सीतापुर सब्जी मंडी की कई दुकानों में लगी आग।
चित्रकूट में सीतापुर सब्जी मंडी में एक दुकान में आग लग गई। आग ने एक के बाद एक करके लगभग डेढ़ दर्जन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे सभी दुकानें जलकर खाक हो गई।
चित्रकूट, अमृत विचार। सीतापुर सब्जी मंडी में बुधवार दोपहर आग ने तांडव दिखाया। एक दुकान में लगी आग अलग-बगल की छोटी बड़ी लगभग डेढ़ दर्जन दुकानों को चपेट में लेती गई और आग के कहर से एक के बाद एक दुकानदार बर्बाद होते चले गए। लगभग एक करोड़ की सब्जियां और फल जल जाने की आशंका है। प्रथमदृष्टया आग लगने की वजह शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी मानी जा रही है।
सीतापुर चौकी अंतर्गत खोही जाने वाले रास्ते में यहां की सब्जी मंडी लगती है। यहां थोक और फुटकर दोनों किस्म की दुकानें हैं। बुधवार दोपहर लगभग दो बजे यहां की एक दुकान से धुंआ निकलने लगा। जब तक लोग कुछ समझते आग की लपटों ने आसपास की दुकानों को अपनी आगोश में ले लिया। बदहवास दुकानदार और उनके परिजन चिल्लाते हुए आग बुझाने की कोशिश करने लगे।
लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि इस बीच पंद्रह-बीस दुकानों की सब्जियां और फल राख हो गए या बर्बाद हो गए। जानकारी मिलने पर तहसीलदार राकेश पाठक, नायब तहसीलदार मंगल यादव मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि नुकसान का आकलन कराया जाएगा और दुकानदारों को मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उधर, सदर विधायक अनिल प्रधान, पूर्व राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता आदि भी मौके पर पहुंचे और दुकानदारों को ढांढस बंधाया।
कई का हुआ लाखों का नुकसान
सब्जी मंडी में दुकानदार सब्जियों के अलावा फल भी रखते हैं। आग से आलू, प्याज, टमाटर, तरोई, भिंडी, कद्दू, लौकी आदि के साथ सेब, अंगूर, तरबूज, खरबूज आदि जल गए। आग से सबसे ज्यादा नुकसान नफीस का हुआ है। इसकी लगभग 15 लाख की सब्जियां और फल आग की भेंट चढ़ गई। इसके अलावा शराफत का आठ से दस लाख का नुकसान हुआ है। सलीम, भकुल बक्श, मो. हुसैन, सलाम, इस्माइल बक्श, शिवसागर कुशवाहा और जमील की भी लाखों की सब्जी और फल आग ने राख कर दी।
खाना खाने घर चले गए थे दुकानदार
सीतापुर सब्जी मंडी थोक और फुटकर दोनों दुकानदारों की है। यहां सुबह छह बजे से लगभग बारह बजे दोपहर तक चहलपहल रहती है। इसके बाद सभी खाना खाने घर चले जाते हैं। ज्यादातर दुकानदारों के घर पास में ही हैं। दोपहर लगभग दो बजे आग की लपटें जब लोगों को दिखीं तो इनको सूचना दी गई। बदहवास दुकानदार और उनके परिवार के लोग चिल्लाते हुए दौड़े। जिसके हाथ में जो कुछ आया, उससे उसने आग बुझाने की कोशिश की।
दमकल की चार गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
आग की सूचना मिलने के लगभग पंद्रह मिनट बाद दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची। कुल 16 अग्निशमनकर्मियों को आग पर काबू पाने में मशक्कत करनी पड़ी। लगभग दो घंटे की कोशिश के बाद लपटें शांत हुईं। हालांकि कुछ स्थानों पर तब भी देर तक जली सब्जियां और फल सुलगते रहे।
ट्रांसफार्मर से आग लगने की आशंका
सब्जी की दुकानों के पास ही ट्रांसफार्मर रखा है। माना जा रहा है कि इसके तारों में शार्ट सर्किट हुआ होगा और उसकी चिंगारियों ने टीन-टप्पर और बांस की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और गर्मी और हवा की वजह से आग बढ़ गई।
...तो सिलेंडरों की वजह से भड़की आग
चर्चा है कि कुछ दुकानों में गैस सिलेंडर भी रखे थे। इनकी वजह से आग और विकराल हो गई। घटना के बाद वायरल हुए एक वीडियो में ब्लास्ट जैसा नजर आ रहा है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है।
बची सब्जियां सहेजते रहे दुकानदार
आग ने दुकानदारों का तगड़ा नुकसान किया। सब्जी-फल बेचकर आजीविका चलाने वाले दुकानदारों के पास कुछ नहीं बचा। कई बदहवास दुकानदार तो आग से बची सब्जियों और फल को राख के ढेर से निकालते नजर आए।
आक्रोश भी दुकानदारों में दिखा
दुकानदारों में अग्निकांड से आक्रोश भी दिखा। दुकानदारों ने कहा कि पिछली बार भी आग लगी थी पर तब भी कोई मुआवजा नहीं मिला।तब पांच दुकानों में सबकुछ राख हो गया था। दुकानदारों ने कहा कि न तो फायर बिग्रेड की व्यवस्था है और न किसी तरह की सुविधा। ट्रांसफार्मर से किसी को कनेक्शन भी नहीं है।
