बारिश का कहर: खेत में तिनका सहेजते नजर आए अन्नदाता, गर्मी से राहत पर फसल खराब होने से किसानों के माथे पर पसीना
फतेहपुर में बारिश होने से खेत में तिनका सहेजते अन्नदाता नजर आए।
फतेहपुर में बारिश होने से खेत में तिनका सहेजते अन्नदाता नजर आए। गर्मी से राहत पर फसल खराब होने किसानों के माथे पर पसीना आया।
फतेहपुर, अमृत विचार। रविवार को भारी बारिश होने से मड़ाई के लिए पड़ा गेंहू बीघ गया। खेत में खड़ी गेंहू की फसलें जमींदोज हो गई। किसान खेतों में तिनका-तिनका सहेजते नजर आए।
मौसम की बेरुखी से खेत खलिहान में थ्रेसरिंग के लिए लगा गेहूं भीग गया। वहीं कई किसानों का भूसा भी बारिश में बीघ गया। जब मौसम खुला तो ऐसे में किसान भीगे गेहूं की फसल को सुरक्षित करने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े। और गेंहू के बोझों में उलट पलटने लगे। शनिवार की रात को आसमान में घने बादल छा गए। जिससे बारिश की संभावना दिखाई दे रही थी।
रविवार को तेज बारिश हुई, जिससे सबसे अधिक नुकसान गेहूं किसानों को हुआ। कटा गेहूं और खेत में पड़ा भूसे के ढेर भीग गए। मार्च माह के आखिरी में हुई ओलावृष्टि और बारिश ने भारी तबाही मचाई थी। दैवीय आपदा से बर्बाद हुई फसलों को मुआवजा सरकार की ओर से किसानों को नहीं मिलने से निरासा है। किसानों का कहना है कर्ज लेकर फसलें तैयार की थी जो बारिश से बर्बाद हो गई। अब उन्हे साल भर खाने के लाले नजर आ रहे है।
