दिवंगत जवान के गार्ड ऑफ ऑनर में पहुंची NCC Trained बेटी, सलामी देकर बोली - जय हिंद पापा
खीरों/ रायबरेली, अमृत विचार। बदन पर एनसीसी का यूनिफार्म , आंखों से बहती आसुओं की धारा , चेहरे पर असहनीय पीड़ा को समेटे बेटी ने अपने दिवंगत हवलदार पिता को सलामी देकर जैसे ही कहा कि ' जय हिंद पापा ' तो वहां मौजूद लोगों की आंखे भी नम हो गई । पूरा माहौल मातम में डूब गया । अमर रहे के नारे फिजा में गूंजने लगे ।
शुक्रवार को खीरों क्षेत्र के गांव मुड़ियनखेड़ा मजरे खानपुर खुश्टी निवासी हवलदार की राजस्थान में मौत होने की घटना के बाद शनिवार को सेना के वाहन से तिरंगे में लिपटा शव उसके पैतृक गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र के कई गांवों से लोगो का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जवान के अंतिम दर्शन के बाद सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
उसके बाद पैतृक बाग में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। क्षेत्रीय विधायक राहुल लोधी, पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र विक्रम सिंह उर्फ पंजाबी सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख उमाशंकर यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य लोगों और कई सामाजिक संगठनों व सैनिक संगठनों के लोगों ने बलिदानी जवान को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी।
परिजनों ने बताया कि वर्ष 2002 में राजकुमार यादव सेना में सैनिक के पद पर नियुक्त हुए थे। वर्तमान समय में राजस्थान के जैसलमेर के श्रीगंगानगर में 16 सीएसआर बटालियन में हवलदार के पद पर तैनात थे। परिवारीजनों को सेना के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को रात लगभग ग्यारह बजे सेना के कैंप परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में हवलदार राजकुमार यादव का शव मिला। गुरुवार को रात ग्यारह बजे घटना की सूचना पत्नी नीरज यादव को लखनऊ में मिली। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार को राजस्थान से हवलदार का शव सेना के वाहन से लखनऊ कैंट लाया गया। वहां से मेजर नीरज पांडेय और सूबेदार जयप्रकाश सिंह के नेतृत्व में राजपूत बटालियन के सलामी दस्ते के साथ शव को उसके आवास कल्ली लाया गया। कुछ देर वहां रुकने के बाद मेजर नीरज पांडेय के नेतृत्व में सेना का वाहन पैतृक गांव मुड़ियनखेड़ा पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। इस दौरान आसपास के कई गांव से बलिदानी हवलदार के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी ने उसे अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शनिवार की दोपहर को उसके पैतृक आवास से चंद कदम की दूरी पर स्थित उसके पैतृक बाग में सेना के अधिकारियों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर पूरे परिवारजनों के साथ राजकीय सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया। इस हृदय विदारक घटना से पिता रामभरोसे, माता रामदुलार, पत्नी नीरज, बेटी प्रियंका उर्फ कोमल, भूमिका, बेटे अथर्व, भाई राजबहादुर, रामखेलावन, रामप्यारे, अमर बहादुर सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मेजर नीरज पांडेय ने बताया कि हवलदार राजकुमार की मृत्यु की जांच की जा रही है। कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
गार्ड ऑफ ऑनर हिस्सा बनी एनसीसी ट्रेंड बेटी , बोली - जय हिंद पापा
दिवंगत हवलदार राजकुमार यादव की बेटी प्रियंका यादव उर्फ कोमल ने एनसीसी से ट्रेनिंग की है। पिता की मौत के से गम में डूबी बेटी ने एनसीसी यूनिफार्म में अपने पिता के शव पर पुष्पांजलि अर्पित कर गार्ड ऑफ ऑनर देने पहुंची तो सभी की आंखें नम हो गई। छोटी बहन भूमिका बदहवास सी सभी की ओर देख रही थी। वह बार-बार अपने पिता के शव के पास जाकर आंसू बहाने लगती थी। एनसीसी बेटी की आंखो से आंसुओं की धारा बह रह रही । जुबां खामोश थी । उसने पिता को सलाम किया तो बस उसके मुंह से तीन शब्द ' जय हिंद पापा ' निकले थे। बेटी के जज्बे को देखकर हर कोई भावुक था ।
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