बहराइच: हत्या के मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा

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Edited By Amrit Vichar
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बहराइच, अमृत विचार। तीन वर्ष पूर्व हुए हत्या के मामले में सत्र न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न होने पर आरोपी को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। कोर्ट ने साक्ष्य मिटाने के मामले में भी अभियुक्त को दो वर्ष का कारावास व एक हजार का अर्थदंड लगाया है।

दीवानी न्यायालय के जिला शासकीय अधिवक्ता मुन्नू लाल मिश्र ने बताया कि कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आनंद टेपरा दाखिला बदरौली निवासी श्रीपाल ने 30 मई 2020 को पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि 23 मई 2020 की रात से उसकी पत्नी 55 वर्षीय शिवाका देवी गायब थी। 29 मई 2020 को सूचना मिली की उनकी पत्नी की लाश बाबा कुट्टी के पास पड़ी हुई है। उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शव निकलवा कर पोस्टमार्टम कराया।

विवेचना के दौरान वादी तथा उसके परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि उनके घर बौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम मजगामा निवासी रामसरन पुत्र चतुरी का आना-जाना था। रामशरण का अवैध संबंध मृतका शिवाका से हो गया था। जानकारी होने पर दोनों को मिलने जुड़ने से रोका गया 23 मई 2020 को शिवा का देवी रात 10 बजे अचानक गायब हो गई और 29 मई को उनका शव बाबा कुट्टी के पास पाया गया। पुलिस ने 30 मई को केस दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया और आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। 

कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई। सोमवार को जिला व सत्र न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी ने दोनों पक्षों की बहस सुनने तथा पत्रावली का अध्ययन करने के बाद हत्या अभियुक्त रामचरण पुत्र चतुरी को धारा 302 में आजीवन कारावास तथा 50 हजार रूपये का अर्थदंड लगाया। साथ ही धारा 201 में दो वर्ष का कारावास तथा ₹1000 का अर्थदंड लगाया है दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियुक्त की ओर से सुनवाई के दौरान इस मामले में जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।

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