बरेली: कोरोना की जांच कराए बिना कराया प्रसव, संदिग्ध संक्रमित प्रसूता की मौत

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। शहर के एक निजी अस्पताल ने प्रसूता की जांच कराए बिना प्रसव करा दिया। बाद में जिला अस्पताल में जांच कराए जाने पर पता चला कि प्रसूता कोरोना संक्रमित है। इस बीच प्रसूता की मौत हो गई। हालांकि मौत की वजह ज्यादा रक्त स्राव होना बताया जा रहा है। वहीं, जिला अस्पताल …

बरेली, अमृत विचार। शहर के एक निजी अस्पताल ने प्रसूता की जांच कराए बिना प्रसव करा दिया। बाद में जिला अस्पताल में जांच कराए जाने पर पता चला कि प्रसूता कोरोना संक्रमित है। इस बीच प्रसूता की मौत हो गई। हालांकि मौत की वजह ज्यादा रक्त स्राव होना बताया जा रहा है।

वहीं, जिला अस्पताल प्रशासन ने प्रसूता के पति को बताया कि उसकी पत्नी कोरोना संक्रमित हैं लेकिन पोर्टल पर रिपोर्ट निगेटिव बता दी। इस पूरे मामले में निजी अस्पताल प्रशासन और जिला अस्पताल के प्रशासन की लापरवाही तो उजागर हो गई, लेकिन इसकी भेंट एक प्रसूता चढ़ गई।

शहर के बारादरी थाना क्षेत्र के नवादा शेखान निवासी पंकज शर्मा ने बताया कि बीते 15 अगस्त को उसकी 25 वर्षीय पत्नी रेनू को प्रसव पीड़ा होने पर सौ फुटा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां चिकित्सकों ने बिना कोरोना संक्रमण की जांच किए ही सिजेरियन के जरिये प्रसव कराया। प्रसव के दो दिन बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

डिस्चार्ज होने के दो दिन बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ने लगी तो दोबारा अस्पताल में 19 अगस्त को भर्ती कर दिया गया। जहां चिकित्सकों ने रक्त की कमी बताकर कई यूनिट ब्लड, आठ यूनिट प्लेटलेट्स, दो यूनिट प्लाज्मा चढ़ाया। इसके बाद हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे रविवार शाम 5 बजे के करीब अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। दूसरे निजी अस्पताल में ले गए तो उन्होंने बिना कोरोना की जांच कराए भर्ती करने से इनकार कर दिया और जिला अस्पताल से कोरोना की जांच कराने के लिए कहा।

पंकज ने कहा कि इसके बाद रेनू को जिला महिला अस्पताल में ले गए, जहां कोरोना की एंटीजेन से जांच की गई, जहां मुझे बताया गया कि वह कोरोना संक्रमित हैं। इसके बाद कोविड अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस से कोविड अस्पताल में ले जाते वक्त रविवार रात करीब 10 बजे रास्ते में प्रसूता ने दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुए सोमवार को गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि में प्रसूता रेनू का अंतिम संस्कार कराया।

बताया कोरोना पॉजिटिव, रिपोर्ट चढ़ा दी निगेटिव
महिला अस्पताल में रेफर करने के बाद प्रसूता रेनू की कोरोना की जांच कराई गई, जिसमें रेनू के पति को बताया कि वह कोरोना संक्रमित हैं लेकिन पोर्टल पर जो रिपोर्ट चढ़ाई उसमें निगेटिव दर्शा दिया। हालांकि सेहत महकमे ने प्रसूता को पॉजिटिव मानते हुए कोविड अस्पताल में रेफर किया और मौत होने के बाद कोरोना संक्रमित मानकर अंतिम संस्कार भी किया। ऐसे में हैरान करने वाली बात यह है कि कोरोना जैसी गंभीर बीमारी में इस तरह की लापरवाही से बड़ी कई लोगों तक संक्रमण फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

“प्रसूता ने सरकारी अस्पताल में न जाकर स्वयं निजी अस्पताल में प्रसव कराया। महिला जिला अस्पताल में गंभीर अवस्था में आने पर उसका एंटीजेन टेस्ट कराया गया, जिसकी रिपोर्ट गलती से निगेटिव चढ़ा दी गई। इसकी जांच कराई जा रही है। लेकिन प्रसूता को पॉजिटिव मानते हुए ही कोविड अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भेजा जा रहा था, जहां उसकी मौत हो गई। प्रसूता को संक्रमित मानते हुए ही उसका अंतिम संस्कार कराया गया।” -डा. अशोक कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी

संबंधित समाचार