साइबर सेल ने पीड़ितों के खातों में वापस दिलाए ठगी के 54344 रुपए
अमृत विचार, मुरादाबाद । साइबर सेल ने पिछले कुछ समय में साइबर क्राइम के लुटेरों का शिकार हुए तीन पीड़ितों को राहत दिलाई है। सूचना मिलने पर एक्टिव हुए साइबर सेल ने तुरंत विभिन्न कंपनियों को मेल कर ठगी की जानकारी दी। साथ ही डिलीवरी पर रोक लगा दी। सेल ने करीब 54344 रुपए की …
अमृत विचार, मुरादाबाद । साइबर सेल ने पिछले कुछ समय में साइबर क्राइम के लुटेरों का शिकार हुए तीन पीड़ितों को राहत दिलाई है। सूचना मिलने पर एक्टिव हुए साइबर सेल ने तुरंत विभिन्न कंपनियों को मेल कर ठगी की जानकारी दी। साथ ही डिलीवरी पर रोक लगा दी। सेल ने करीब 54344 रुपए की धनराशि पीड़ितों के खातों में फिर से ट्रांसफर कर वा दी।
साइबर क्राइम के रोजाना मामले सामने आ रहे हैं। लुटेरे लोगों को फोन करके कभी एटीएम का पासवर्ड पूछकर तो कभी रकम ट्रांसफर करने के नाम पर लिंक भेजकर लोगों के खातों से रकम निकाल रहे हैं। ठगी के रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों एक ठग ने खुद को फौजी होने के साथ ही बार्डर पर ड्यूटी करने का हवाला दिया। बोला मुझे परिवार वालों को पैसे भेजने हैं। भरोसे में प्राइवेट कर्मी ने अपना एकाउंट नंबर दिया तो एक झटके में हजारों की धनराशि खाते से निकाल ली।
बैंक कर्मी व पुलिस द्वारा सतर्कता बरतने की तमाम अपील के बाद भी लोग खाते से संबंधित जानकारी दूसरों को दे रहे हैं। बढ़ते क्राइम के बीच राहत भरी बात यह है कि अलर्ट साइबर सेल ने समय से सूचना मिलने पर तीन पीड़ितों की रकम खाते में वापस करा दी है।
राहत-1
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली दिव्या उपाध्याय ने साइबर सेल को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि एक व्यक्ति ने उसे नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया। बात तय होने के बाद उसने पहले पचास हजार की रकम मांगी। विभिन्न बैंकों के जरिए उस व्यक्ति के खाते में करीब पचास हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में धोखाधड़ी की जानकारी होने पर उसने संबंधित थाने में भी सूचना दे दी। साइबर सेल ने इस मामले में 30354 रुपए दिव्या के खाते में दुबारा ट्रांसफर करा दिए।
राहत-2
सिविल लाइंस के ही टीकाराम ने साइबर सेल को प्रार्थना पत्र दिया था। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति ने उनके परिचित बनकर फोन किया। बात करने के दौरान उसे भरोसे में लेकर कुछ मजबूरी बताते हुए रकम ट्रांसफर करने की बात कही। उन्होंने जैसे एकाउंट के संबंध में जानकारी दी तो टीकाराम के फोन पर एक ओटीपी आई। ओटीपी स्कैन करते ही टीकाराम के खाते से 25203 रुपए गायब हो गए। जानकारी होने पर सेल ने संबंधित कंपनी को फोन करके ठगी की बात कही। टीम ने दो हजार रुपए टीकाराम के खाते में वापस करा दिए।
राहत-3
कोतवाली क्षेत्र के कामेश कुमार गुप्ता का कहना है कि एक व्यक्ति ने ओएलएक्स पर बिक्री के लिए एक गाड़ी की फोटो डाली। कार पसंद आने पर जब संपर्क किया तो करीब दो लाख में सौदा तय हो गया। इसके बाद करीब 182000 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। बाद में ठगी की जानकारी हुई। जिस पर टीम ने ओएलएक्स में संपर्क कर मेल भेजी और पूरे मामले से अवगत कराया। काफी प्रयासों के बाद टीम ने 22 हजार रुपए कामेश के खाते में दोबारा हस्तांतरित करवा दिए।
साइबर ठगी से बचने के लिए लोग अपने एकाउंट व एटीएम से संबंधित जानकारी किसी को भी न दें। इसके बाद भी अगर ठगी का शिकार हो जाते हैं तो त्वरित इसकी सूचना साइबर सेल को दें।
प्रभाकर चौधरी, एसएसपी मुरादाबाद
