Kanpur: भतीजे और बहू को जिंदा फूंकने वाले फूफा को हुआ पछतावा, बोला- अब ताउम्र सलाखों के पीछे रहना होगा

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में 73 साल के फूफा ने भतीजे और बहू को फूंका।

कानपुर के कैंट थानाक्षेत्र में फूफा ने गुस्से में आकर भतीजे और बहू को जिंदा फूंक दिया था। आरोपी ने पहले भतीजे को जलाया था। बचाने आई पत्नी और चचेरी बहन पर भी पेट्रोल उड़ेल कर आग लगा दी थी।

कानपुर, अमृत विचार। कैंट के बदलीपुरवा क्षेत्र में मंगलवार को 73 साल के फूफा ने ई-रिक्शा के विवाद में पेट्रोल डालकर भतीजे और बहू को फूंक दिया। बीच बचाव में बहन गंभीर रूप से झुलस गई। इलाकाई लोग किसी तरह आग को बुझाकर तीनों को उर्सला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान भतीजे और उसकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि बहन जिंदगी और मौत से जूझ रही है।। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर जांच की। वहीं एक टीम ने आरोपी को गिफ्तार कर लिया। 

बदलीपुरवा निवासी राम कुमार के परिवार में पत्नी सपना (38), बेटी पायल (12) और मानवी (12) है। कोविड काल के दौरान राम कुमार की वाजिदपुर निवासी बुआ की मौत हो गई। फूफा राम नारायण अकेले होने से बीमार रहने लगे। जिसका पता चलने पर राम कुमार उन्हें अपने घर ले लाया। करीब एक साल पहले राम नारायण ने राम कुमार को ई-रिक्शा दिलाया था।

Kanpur Crime (4)

इसके बदले में राम कुमार उन्हें हर दिन 300 रुपये देता था। फूफा घर खर्च में भी हाथ बंटाते थे। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक फूफा रामकुमार पर पैसे बढ़ाने का दबाव बना रहे थे। जिसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा होने लगा था। सुबह राम नारायण घर से कुछ दूरी पर बैठा था। उसके पास छोटी सी बाल्टी और लोटा भी था। इसी दौरान राम कुमार, साली सोनम और दो बेटियों के साथ घर से निकला। वह सभी को ई-रिक्शा पर बैठाकर जा ही रहा था कि राम नारायण ने राम कुमार पर पेट्रोल उड़ेल दिया। राम कुमार कुछ समझ पाता कि उसने आग लगा दी।

एकाएक हुई घटना में बच्चे डर गए और शोर मचाने लगे। उनकी आवाज सुनकर राम कुमार की पत्नी और चचेरी बहन मोनिका घर के बाहर आ गए। दोनों राम कुमार को बचाने के लिए दौड़े तो आरोपी ने उन पर भी पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। तीनों कुछ ही सेकेंड में आग का गोला बन गए। किसी तरह आस पड़ोस के लोगों ने आग बुझाकर तीनों को उर्सला ले गए। जहां सपना और राम कुमार की मौत हो गई। जबकि मोनिका की हालत गंभीर बनी हुई है। थाना प्रभारी अर्चना सिंह ने बताया कि आरोपी भागकर जंगल में छुप गया। उसको दबोच कर पूछताछ की जा रही है।

मारने के लिए गाड़ियों से चुराकर इकट्ठा किया था पेट्रोल 

कैंट में भतीजे और बहू को जलाकर मारने वाले फूफा राम नारायण कई दिनों से साजिश रच रहा था। वह भतीजे को तड़पा तड़पा कर मरते देखना चाहता था। इसके लिए उसको जिंदा जलाने की योजना बनाई थी। उसको बचने का कोई मौका न मिलें, इसके लिए वह लोगों की गाड़ियों से पेट्रोल चुराकर इकट्ठा कर रहा था। जब उसने पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल इकट्ठा कर लिया, तब उसने वारदात को अंजाम दिया। यह बात उसने पुलिस पूछताछ में कबूल की है। 

15 दिन पहले बनाई थी हत्या की योजना 

पुलिस पूछताछ में राम नारायण ने बताया कि करीब 15 दिन पहले उसका राम कुमार से झगड़ा हुआ था। राम कुमार उसको काफी जलील किया था। उसने पैसे देने से भी मना कर दिया था। उसी दिन उसने राम कुमार की हत्या करने का मन बनाकर योजना बना ली थी। उसके पास पैसे नहीं थे। इसलिए वह गाड़ियों से पेट्रोल चोरी कर रहा था। वह पेट्रोल चोरी कर बाल्टी में इकट्ठा कर रहा था। जब पूरी तरह से भर गई। तभी उसने वारदात को अंजाम दिया। 

सलाखों के पीछे पहुंचा तो पछताने लगा

पुलिस ने जब आरोपी फूफा को पकड़ा था। तब उसको कोई अफसोस नहीं था। जब वह हवालात के अंदर पहुंचा तो उसको पछतावा होने लगा। उसने गुस्से में तो वारदात कर दी। अब उसको ताउम्र में जेल में रहना पड़ेगा। वह पुलिस से कह रहा है कि अब वह जेल में रगड़ रगड़ कर मरेगा।

अनाथ हुई बेटियां, चाचा ही सहारा

राम कुमार और उनकी पत्नी की मौत से दोनों बेटियां अनाथ हो गई है। दोनों रो-रोकर बेहाल हो गई है। इलाकाई लोगों के मुताबिक पड़ोस में रहने वाला चाचा अजय ही उनका सहरा है। अब देखाना है कि वह दोनों को रख पाएगा या नहीं

पोस्टमार्टम प्रकिया के बाद परिजनों ने शव रखकर किया हंगामा

बुधवार को पोस्टमार्टम प्रक्रिया होने के बाद परिजनों ने पुरानी चुंगी के पास शव रखकर रोड जाम कर दिया। इस दौरान परिजनों ने बच्चों की पढ़ाई और 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग की। सूचना पर एसीपी कैंट शिवाजी सर्किल की फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक बातचीत के बाद अधिकारियों ने बच्चों को आर्थिक व पढ़ाई की सरकारी मदद कराने की बात कहकर मामला शांत कराया। 

हंगामा

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